सुप्रीम कोर्ट से शिवसेना उबाठा को झटका
लोकसभा अध्यक्ष के आदेश पर स्टे नहीं

* 6 सांसदों के शिंदे गट में जाने का मामला
* दोनों ही पक्षों को पखवाडे भर में देना होगा जवाब
मुंबई/दि.10 – सर्वोच्च न्यायालय ने शिवसेना उद्धव बालासाहब ठाकरे को आज तगडा झटका देते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा दी गई व्यवस्था और मान्यता पर रोक लगाने से इंकार कर दिया. कोर्ट ने लोकसभा अध्यक्ष और 6 सांसदों को पखवाडे भर में उत्तर देने कहा है. शिवसेना उबाठा द्वारा की गई लोकसभा अध्यक्ष के आदेश पर स्टे देने की अपील सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दी. पिछले दिनों शिवसेना उबाठा के 6 सांसद पार्टी छोडकर शिंदे गुट में सहभागी हुए थे. उनके शिंदे गुट में विलिनीकरण को लोकसभा स्पीकर ने मान्यता दे दी थी.
सुप्रीम कोर्ट के आज के आदेश को उद्धव ठाकरे के लिए बडा धक्का बताया जा रहा है. वहीं उपमुख्यमंत्री और शिंदे गुट के नेता एकनाथ शिंदे के लिए यह निर्णय राहत वाला कहा जा रहा है. ठाकरे के 9 सांसदों में से 6 ने पार्टी छोडी और शिंदे गट में प्रवेश कर लिया. जिससे राज्य में शिवसेना शिंदे गट की ताकत बढ गई. सांसदों का आंकडा 13 तक जा पहुंचा.
लोकसभा अध्यक्ष ने सांसदों के इस विलिनीकरण को अनुमति दी थी. जिसे शिवसेना उबाठा ने सुप्रीम कोर्ट में ललकारा था. अब कोर्ट द्वारा स्टे देने से मना कर दिया गया है. यह भी याद दिला दें कि, दो रोज पहले इधर से उधर हुए सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की थी. इस मुलाकात की उद्धव ठाकरे ने आलोचना की थी.





