अमरावती में गोलियों की गूंज से दहशत!

निलंबित पटवारी विपुल ठाकरे के घर पर फायरिंग

* बुर्काधारी बदमाशों की करतूत सीसीटीवी में कैद
* रात 9.30 बजे जिजाऊ कॉलोनी में चली गोलियां
* आरोपियों को दूसरे फायर में हथियार ने दिया धोखा
* पुराने विवादों और आपराधिक आरोपों से जुड़े तार खंगाल रही पुलिस
अमरावती/दि.10 – शहर के शांत माने जाने वाले गाडगेनगर थाना क्षेत्र की जिजाऊ कॉलोनी रविवार रात अचानक गोलियों की आवाज से दहल उठी. निलंबित पटवारी विपुल भानुदास ठाकरे के घर के बाहर बाइक पर आए दो बुर्काधारी बदमाशों ने खुलेआम फायरिंग कर इलाके में सनसनी फैला दी. यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके बाद पुलिस महकमे में भी खलबली मच गई है.
घटना रविवार रात करीब 9.30 बजे की है. उस समय विपुल ठाकरे, उनके भाई शीतल ठाकरे और परिवार के अन्य सदस्य घर में मौजूद थे. अचानक घर के बाहर फायरिंग की आवाज सुनाई दी. परिवार के सदस्य बाहर निकलते, उससे पहले हमलावर दूसरा फायर करने का प्रयास कर चुके थे, लेकिन बताया जाता है कि हथियार से गोली नहीं चली. इसके बाद दोनों बदमाश मौके से फरार हो गए. घटना की सूचना मिलते ही गाडगेनगर पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी गई.
* सीसीटीवी में कैद हुए बुर्काधारी हमलावर
पुलिस द्वारा खंगाले गए सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध बाइक सवार दिखाई दे रहे हैं. दोनों ने बुर्का पहन रखा था, जबकि बाइक चला रहे व्यक्ति का चेहरा कुछ हद तक कैमरे में कैद हुआ है. पीछे बैठे व्यक्ति के हाथ में हथियार भी स्पष्ट दिखाई देने की बात सामने आई है. फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान के लिए विशेष टीमों को लगाया है. शहर के विभिन्न इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.
* पुलिस आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे मौके पर
फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस आयुक्त राकेश ओला समेत वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे. अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर जांच टीमों को आवश्यक निर्देश दिए. पुलिस ने घटनास्थल से कारतूस के खोखे भी बरामद किए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हमलावर किस मार्ग से आए और वारदात के बाद किस दिशा में फरार हुए.
* सिर्फ फायरिंग नहीं, विवादों का लंबा इतिहास भी जांच के घेरे में
इस घटना ने इसलिए भी शहर का ध्यान खींचा है, क्योंकि जिस विपुल ठाकरे नामक व्यक्ति के घर पर फायरिंग हुई है, वह पहले से ही कई गंभीर आरोपों और विवादों के कारण चर्चा में रहा है. 19 मई 2026 को एक महिला ने गाडगेनगर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि पटवारी विपुल ठाकरे ने पिस्तौल की धाक दिखाकर उसके साथ शारीरिक अत्याचार किया तथा उससे करीब 5 करोड़ रुपये की आर्थिक ठगी की. इस मामले में ठाकरे को बाद में अदालत से जमानत मिल गई थी. जांच के दौरान पुलिस ने उनकी लाइसेंसी पिस्तौल भी जब्त कर ली थी. इसके बाद 17 जुलाई को शिकायतकर्ता महिला ने अमरावती दौरे पर आए जिला पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से मुलाकात कर मामले में कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया था. उसी दिन उसने विधायक बच्चू कडू से भी मिलकर ठाकरे की गिरफ्तारी की मांग की थी.
* निलंबन, अवैध हथियार और अब फायरिंग!
विवादों के बीच 2 जुलाई 2026 को विपुल ठाकरे को पटवारी पद से निलंबित कर दिया गया था. इसके कुछ ही दिन बाद 10 जुलाई को पथ्रोट पुलिस थाने में उनके खिलाफ एक और मामला दर्ज हुआ. पुलिस के अनुसार, अवैध हथियारों के साथ पकड़े गए दो आरोपियों ने पूछताछ में दावा किया था कि उन्होंने एक देसी कट्टा और जिंदा कारतूस विपुल ठाकरे को बेचे थे. इस खुलासे के बाद ठाकरे का नाम अवैध हथियार प्रकरण में भी सामने आया. ऐसे में अब उनके घर पर हुई फायरिंग ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं.
* क्या यह बदले की कार्रवाई है या कोई बड़ी साजिश?
फायरिंग की घटना के बाद शहर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि कहीं यह घटना पुराने विवादों, आर्थिक लेन-देन, व्यक्तिगत दुश्मनी या अन्य किसी आपराधिक कड़ी से तो जुड़ी नहीं है. एक के बाद एक सामने आए शारीरिक शोषण, आर्थिक ठगी, छेड़छाड़ और अवैध हथियार जैसे मामलों के बीच अब हुई यह फायरिंग अमरावती के सबसे चर्चित मामलों में शामिल हो गई है.
* पुलिस का दावा, हर एंगल से हो रही जांच
गाडगेनगर पुलिस स्टेशन के निरीक्षक गोरखनाथ जाधव ने बताया कि मामले की जांच सभी संभावित पहलुओं से की जा रही है. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी है और कई टीमों को अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया है. फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
* शहर में चर्चा का विषय बनी घटना
अमरावती में किसी निलंबित राजस्व अधिकारी के घर पर इस तरह खुलेआम फायरिंग की घटना ने कानून-व्यवस्था, आपराधिक नेटवर्क और पुराने विवादों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. अब सबकी निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि आखिर बुर्काधारी हमलावर कौन थे और गोलियों की इस गूंज के पीछे की असली कहानी क्या है.

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