केंद्र समन्वयक गजानन चौधरी के सेवापूर्ति समारोह में हुआ कर्तृत्व का सम्मान

शिक्षण क्षेत्र में योगदान, सामाजिक प्रतिबद्धता और कार्यनिष्ठा के लिए गणमान्य व्यक्तियों ने किया गौरव

मोर्शी /दि.11- अखिल महाराष्ट्र प्राथमिक शिक्षक संघ, मोर्शी तथा चौधरी-वडतकर परिवार की ओर से अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ, अमरावती के जिलाध्यक्ष एवं केंद्र समन्वयक गजानन वामनराव चौधरी की सेवापूर्ति के उपलक्ष्य में ‘सेवापूर्ति गौरव समारोह’ का आयोजन रविवार को परशुराम मंगल कार्यालय, अमरावती रोड, मोर्शी में किया गया. गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में आयोजित यह समारोह उत्साहपूर्ण एवं भावुक वातावरण में संपन्न हुआ.
कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य उपाध्यक्ष किरण पाटील ने की. विशेष अतिथि के रूप में राज्य सूचना आयुक्त, अमरावती तथा नागपुर के पूर्व जिलाधिकारी रविंद्र ठाकरे, पूर्व उपवनसंरक्षक अशोक कविटकर, राज्यकर उपायुक्त, नागपुर कविता मोहोद तथा पंचायत समिति मोर्शी के गटविकास अधिकारी स्वप्निल मगदूम उपस्थित रहे. प्रमुख अतिथियों में पूर्व जिलाधिकारी मनोहरराव कडू, पूर्व उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रमोदजी कापडे, पंचायत समिति वरुड के पूर्व गटशिक्षणाधिकारी निळकंठराव यावले, पंचायत समिति मोर्शी के गटशिक्षणाधिकारी डॉ. नितीनजी उंडे, अमरावती के पूर्व उपशिक्षणाधिकारी पंडितराव पंडागले तथा अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला महासचिव सुभाषजी सहारे की उपस्थिति रही.
* मान्यवरों ने की चौधरी के कार्यों की सराहना
अध्यक्षीय संबोधन में किरण पाटील ने कहा कि चौधरी की सेवापूर्ति का अवसर शिक्षक समाज की ओर से उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का क्षण है. उन्होंने चौधरी के दीर्घकालीन सेवाकाल की सराहना करते हुए उनके भावी जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं. रविंद्र ठाकरे ने चौधरी की शैक्षणिक तड़प, सकारात्मक दृष्टिकोण तथा प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि शिक्षक के रूप में कार्य करते हुए समाज से जुड़ना चौधरी की विशेष पहचान रही है. अशोक कविटकर ने उनकी सामाजिक प्रतिबद्धता तथा जनसहभागिता से किए गए कार्यों का विशेष उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि चौधरी ने विद्यालय और समाज के बीच संबंध मजबूत करने का अनुकरणीय कार्य किया है. गटविकास अधिकारी स्वप्निल मगदूम ने कहा कि चौधरी के अनुभव और मार्गदर्शन से शिक्षा क्षेत्र को लंबे समय तक लाभ मिला है. मनोहर कडू ने उनके ईमानदारी, मानवीय संवेदना और कार्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पद से नहीं, बल्कि अपने कार्यों से व्यक्तित्व की ऊंचाई साबित की है.
प्रमोदजी कापडे ने चौधरी की शैक्षणिक प्रतिबद्धता एवं नए विचारों की सराहना की. निलकंठराव यावले ने शिक्षक, मुख्याध्यापक और केंद्रस्तरीय जिम्मेदारियां निभाते समय प्रदर्शित नेतृत्व क्षमता का उल्लेख किया. डॉ. नितीनजी उंडे ने उनके शैक्षणिक अनुभव एवं मार्गदर्शक भूमिका की प्रशंसा की. पंडितराव पंडागले ने उनकी प्रयोगशीलता और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण को रेखांकित किया. वहीं सुभाषजी सहारे ने शिक्षक संगठन में चौधरी के योगदान का उल्लेख करते हुए शिक्षकों के प्रश्नों के लिए किए गए उनके निरंतर कार्य को नमन किया.
* छात्रा निधि का भावुक संबोधन रहा आकर्षण का केंद्र
समारोह का सबसे भावुक क्षण उस समय आया, जब चौधरी की छात्रा कुमारी निधि ने अपने मनोगत के माध्यम से उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की. उसने कहा कि चौधरी सर ने विद्यार्थियों को केवल शिक्षा ही नहीं दी, बल्कि प्रेम, मार्गदर्शन और अपनत्व भी प्रदान किया. छात्रा के भावपूर्ण शब्दों ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया और खूब सराहना मिली. इस अवसर पर गजाननराव चौधरी का स्मृतिचिह्न एवं मानपत्र प्रदान कर सम्मान किया गया. उपस्थितों ने कहा कि यह सेवापूर्ति समारोह केवल एक शिक्षक के कार्य का सम्मान नहीं, बल्कि उनके प्रति शिक्षकों, सहकर्मियों, विद्यार्थियों और समाज के मन में मौजूद कृतज्ञता एवं स्नेह की अभिव्यक्ति है.
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन एवं आभार प्रदर्शन दत्तप्रसाद भेले ने किया. समारोह को सफल बनाने में अनिल उर्फ अण्णासाहेब कडू, अध्यक्ष गजानन निचत, महासचिव गणेश जोशी, ज्ञानेश्वर बालसराफ, चक्रधर ठवली, वासुदेव घाटोल सहित शिक्षक बंधुओं एवं चौधरी-वडतकर परिवार ने विशेष परिश्रम किया. कार्यक्रम के पश्चात उपस्थित अतिथियों एवं नागरिकों के लिए स्नेहभोजन का आयोजन किया गया. भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए इस समारोह ने गजाननराव चौधरी की सेवापूर्ति को कृतज्ञता, सम्मान और स्नेह का यादगार अवसर बना दिया.

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