अमरावती संभाग में बारिश का जोर घटा

यवतमाल व बुलढाणा में औसत से अधिक बारिश

* अमरावती जिले में अब भी चिंता वाली स्थिति
अमरावती/दि.11- इस समय अगस्त महीना शुरू होकर 10 दिन बीत चुके है और बारिश का आधे से अधिक सीजन भी बीत चुका है. इसके साथ ही अमरावती संभाग में बारिश का जोर काफी हद तक सुस्त होने के साथ- साथ घट गया है. जून व जुलाई माह में हुई बारिश के दम पर संभाग में कुल औसत की तुलना में 92.90 फीसद बारिश दर्ज हुई है. परंतु अगस्त माह के पहले 10 दिनों के दौरान संभाग में जैसे-तैसे 18.2 मिमी यानी 24.4 फीसद बारिश हुई है. इस दौरान यवतमाल व बुलढाणा जिलों में बारिश के आंकडे काफी हद तक ठीक ठाक है. परंतु अमरावती व अकोला जिलों में बारिश को लेकर अच्छा खासा बैकलॉग रहने के चलते किसानों में चिंता वाली स्थिति है.
10 अगस्त तक उपलब्ध रिपोर्ट व आंकडों के मुताबिक अमरावती संभाग में जून से सितंबर तक बारिश के सीजन दौरान औसत 749.8 मिमी बारिश होना अपेक्षित रहता है. जिसकी तुलना में अब तक 428.9 मिमी यानी 57.2 फीसद बारिश दर्ज हुई है. यवतमाल जिले में 1 जून से 10 अगस्त तक 520.8 मिमी पानी बरसा. यह औसत 502.4 मिमी की तुलना में 103.7 फीसद है. वहीं यवतमाल जिले में अगस्त माह के दौरान केवल 13.9 मिमी यानी 17 फीसद बारिश हुई है. उधर बुलढाणा जिले में जारी सीजन के दौरान 409.8 मिमी बारिश दर्ज की गई. जो कुल औसत 398.4 मिमी की तुलना में 102.9 फीसद है. बुलढाणा जिले में अगस्त माह के दौरान 27.3 मिमी यानी 40.8 फीसद बारिश हुई. इसके अलावा वाशिम जिले में अब तक 401.2 फीसद पानी बरसा है. जो औसत की तुलना में 82.5 फीसद है. साथ ही वाशिम जिले में अगस्त माह के दौरान 17.9 मिमी यानी 23.5 फीसद बारिश हुई. इसके साथ ही अकोला जिले में अब तक 359.3 मिमी बारिश हुई. यह कुल औसत की तुलना में 83.6 फीसद है. जबकि अगस्त माह के दौरान केवल 14.6 मिमी यानी 21 फीसद बारिश हुई है.
बारिश को लेकर सबसे चिंताजनक स्थिति अमरावती जिले की है. क्योंकि संभाग में सबसे कम 389.3 मिमी यानी औसत की तुलना में मात्र 75.6 फीसद बारिश अमरावती जिले में दर्ज की गई है. साथ ही अगस्त माह के पहले 10 दिनों के दौरान अमरावती जिले में मात्र 15.8 मिमी यानी 17.2 फीसद बारिश हुई है. जिसका खरीफ फसलों पर विपरित परिणाम होने की पूरी संभावना है.

* अगस्त माह में बारिश की जरूरत
जून व जुलाई माह के दौरान यवतमाल व बुलढाणा जिले में हुई जोरदार बारिश के चलते इन दोनों जिलों में अपेक्षित औसत के स्तर को पार कर दिया ह्े. लेकिन अगस्त माह के पहले सप्ताह दौरा पांचों जिले में बारिश ने पीठ दिखा दी है. 10 अगस्त की दैनिक रिपोर्ट के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान संंभाग में बेहद नगण्य यानी 0.2 मिमी बारिश हुई है. ऐसे में अगले कुछ दिनों के दौरान समाधानकारक बारिश नहीं होने के चलते खरीफ फसलों विशेषकर सोयाबीन व कपास की फसलों पर विपरित परिणाम होने की चिंता किसानों को सता रही है. जिसके चलते अगस्त माह में बारिश की सख्त जरूरत है. जिसके मद्देनजर अगस्त माह दौरान अच्छी व दमदार बारिश होने की प्रतीक्षा की जा रही है.

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