सबसे पहले बनेगा गर्भगृह

चार चरणों में होगा अंबादेवी कॉरिडोर का काम

* आर्किटेक्ट भिवगडे की ट्रस्टीयों से फाइनल चर्चा
* संस्थान ने दिया कॉन्सेंट!
* 410 करोड का भव्य विकास कार्य – भाग प्रथम
अमरावती /दि.12- विदर्भ की कुलस्वामिनी अंबादेवी और एकवीरा देवी परिसर के विकास का 410 करोड का प्लान शासन के निर्देश पर एमएसआईडीसी ने तैयार किया है. अंबादेवी संस्थान में मंगलवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में उक्त शासकीय कंपनी के आर्किटेक भिवगडे और इंजिनीयर पागृत व सहयोगियों ने संस्थान के प्रमुख पदाधिकारियों के सामने डेमो देकर विस्तार से जानकारी दी. जिसमें कुछ सुधार दर्शाए गए. जिसे आर्किटेक्ट ने मान्य किया. उसी प्रकार चार चरणों में कॉरिडोर विकास का काम किए जाने पर सहमती हुई. सर्वप्रथम गर्भगृह से प्रारंभ होगा. कुछ दिनों के लिए सभी हेतु दर्शन बंद कर भव्य गर्भगृह निर्माण किया जाएगा.
बैठक में अध्यक्ष एड. दीपक श्रीमाली, उपाध्यक्ष किशोर बेंद्रे, सचिव रवींद्र कर्वे, सचिव डॉ. जयंत पांढरीकर, कोषाध्यक्ष विलास मराठे, सचिव आर्थिक समिति सुरेंद्र बुरंगे, ट्रस्टी सर्वश्री एड. राजेंद्र पांडे, दीपा खांडेकर, विजया गुढे, अशोक खंडेलवाल, मीना पाठक, अशोक गुप्ता, शैलेश पोद्दार के साथ ही जिला नियोजन अधिकारी भारत वायाल सहित आर्किटेक्ट भिवगडे, इंजी. पागृत, कार्यकारी अधिकारी श्रीमती मेश्राम और संबंधितों की उपस्थिति रही.
बैठक में अनेक बातों पर विचार-विमर्श हुआ. जिसमें अंबादेवी के बडे दिनों से प्रलंबित चल रहे अस्पताल के लिए कॉरिडोर प्लान में प्रावधान करने से लेकर सर्वप्रथम गर्भगृह का काम पहले चरण में करने पर बल दिया गया. शासकीय एजेंसी ने भी इस पर सम्मती दर्शायी. अभी कॉरिडोर विकास प्लान को अंबादेवी संस्थान कॉन्सेंट देगा. तत्पश्चात प्रशासकीय और शासकीय स्वीकृति के बाद आगे कार्यवाही होगी. उपरांत टेंडर और वर्क ऑर्डर प्रक्रिया चलने की जानकारी दी गई है. यह भी बताया गया कि, वर्क ऑर्डर स्टेज में कॉरिडोर के शिलान्यास का भव्य समारोह हो सकता है.
* जनवरी में बडे नेताओं के हस्ते शिलान्यास
अंबादेवी-एकवीरा देवी कॉरिडोर विकास प्लान लगभग मंजूर हो गया है. थोडे-बहुत बदलाव ही अब शेष है. ऐसे में अगले कुछ माह में प्रशासकीय प्रक्रिया एमएसआईडीसी द्वारा की जाएगी. उपरांत संभव हुआ तो जनवरी में पहले कार्य का वर्क ऑर्डर जारी होगा. इसी के साथ शिलान्यास समारोह बडे प्रमाण में आयोजित किए जाने की संभावना व्यक्त की गई. राष्ट्र के बडे लीडर्स और साधू-संतों को सहर्ष, सादर आमंत्रण भेजा जाएगा.
* सीएम फडणवीस शीघ्रता में
जिसके बाद परिसर विकास का यह भव्य प्लानिंग मंजूर होगा एवं प्रत्यक्ष कार्यारंभ होने की संभावना है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस स्वयं भव्य-दिव्य विकास प्लान को लेकर गुरु-गंभीर है. वे योजना को तत्परता से साकार करने के हिमायती होने की जानकारी ‘अमरावती मंडल’ को डेवलपमेंट से जुडे लोगों ने दी है. उन्होंने बताया कि, अंबादेवी के मुख्य प्रवेशद्वार के सामने की दुकाने और भक्त निवास भी शिफ्ट किया जा सकता है. वहीं बाई ओर के गेट के सामने एवं उससे सटे मकान और दुकान भी अधिग्रहित कर वहां से स्थानांतरण किया जाएगा. नाले के पास हनुमान मंदिर से सटी जिला परिषद शाला की करीब आधा एकड भूमि अंबादेवी विकास प्लान में अधिग्रहित और विकसित की जाएगी. (अगले अंक में जारी)

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