देवेंद्र ठाकरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझी, तीन आरोपी गिरफ्तार
फ्रेजरपुरा पुलिस ने चंद घंटों में किया हत्याकांड का पर्दाफाश

* शराब के नशे में विवाद के बाद सिर पर पत्थर मारा, कटर से हमला
* दो अन्य आरोपियों ने भी बेरहमी से पीटा
* हत्या के बाद आरोपियों ने मृतक के घर पहुंचकर पत्नी को दी मौत की जानकारी
अमरावती/दि.15 – फ्रेजरपुरा थाना क्षेत्र के शुक्रवार बाजार में देवेंद्र उर्फ देवानंद ठाकरे की हत्या की गुत्थी पुलिस ने चंद घंटों में सुलझा ली है. इस सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विठ्ठल उर्फ नरेश धुर्वे, मनीष लांजेवार और कैलास राउत के रूप में हुई है. हत्याकांड की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने ही मृतक के घर पहुंचकर उसकी पत्नी को देवानंद की मौत की जानकारी दी.
गुरुवार की देर रात करीब 2 बजे शुक्रवार बाजार परिसर में एक 50 वर्षीय व्यक्ति का शव मिलने से खलबली मच गई थी. सूचना मिलते ही फ्रेजरपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और कुछ ही समय में मृतक की पहचान देवेंद्र उर्फ देवानंद ठाकरे के रूप में कर ली. घटनास्थल पर खून के धब्बे मिलने के कारण पुलिस को शुरुआत से ही हत्या का संदेह था. हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले पुलिस ने मामले को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी देने से इनकार किया था. प्रारंभ में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई.
* कबाड़ व्यवसाय को लेकर शुरू हुआ था विवाद
पुलिस जांच में सामने आया कि देवानंद पिछले करीब एक वर्ष से कबाड़ व्यवसायी जावेद के कटले के माध्यम से कबाड़ बेचने का काम करता था. कुछ दिन पहले आरोपी विठ्ठल उर्फ नरेश धुर्वे भी वहां काम करने लगा था. वह दो कटलों के साथ कबाड़ बेचने लगा, जिसके कारण देवानंद सहित अन्य लोगों को मिलने वाली रकम कम होने लगी. इसी बात को लेकर देवानंद और अन्य लोगों का नरेश के साथ विवाद हुआ था.
* पहले भी कुल्हाड़ी लेकर पहुंचा था आरोपी
जांच में यह भी सामने आया कि पुराने विवाद को लेकर नरेश धुर्वे एक बार कार्यस्थल पर कुल्हाड़ी लेकर पहुंचा था. हालांकि, कबाड़ संचालक जावेद ने कुल्हाड़ी अपने कब्जे में लेकर नरेश को समझाया था. इसके बावजूद दोनों पक्षों के बीच विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था.
* शराब के नशे में फिर हुआ विवाद, पत्थर से किया हमला
13 अगस्त की रात शराब का सेवन करने के बाद देवानंद और नरेश के बीच फिर विवाद हुआ. आरोप है कि इसी दौरान नरेश धुर्वे ने देवानंद के सिर पर पत्थर से हमला किया. इसके बाद छोटे कटर से उसके गुप्तांग पर भी हमला किया गया. गंभीर चोट लगने से देवानंद जमीन पर गिर पड़ा.
* दो अन्य आरोपियों ने भी बरसाए लात-घूंसे
देवानंद के नीचे गिरने के बाद कैलास राउत और मनीष लांजेवार ने भी उसके साथ मारपीट शुरू कर दी. पुलिस जांच के अनुसार, तीनों आरोपियों ने देवानंद के साथ तब तक बेरहमी से मारपीट की, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई.
* मौत की जानकारी देने खुद पहुंचे घर
वारदात के बाद अफरा-तफरी न मचे और घटना तत्काल उजागर न हो, इसके लिए कैलास राउत और नरेश धुर्वे देवानंद के घर पहुंचे. दोनों ने उसकी पत्नी को देवानंद की मौत की जानकारी दी. पुलिस ने इसी घटनाक्रम और अन्य जांच बिंदुओं के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
* फ्रेजरपुरा पुलिस की त्वरित कार्रवाई
हत्या की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल की जांच, मृतक की पहचान और संदिग्धों से पूछताछ शुरू की. कुछ ही घंटों में पुलिस ने हत्या के पीछे के विवाद और घटनाक्रम का खुलासा करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. मामले की आगे की जांच फ्रेजरपुरा पुलिस द्वारा की जा रही है.
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त राकेश ओला, उपायुक्त यशवंत सोलंके, सहायक आयुक्त नयन अलुरकर के मार्गदर्शन में थानेदार रवींद्र राजुलवार, दुय्यम निरीक्षक समाधान वाठोरे, डीबी दल प्रमुख पीएसआई राहुल महाजन, हेड कांस्टेबल सुभाष पाटिल, रज्जाक शेकुवाले, लक्ष्मण खंडारे, संतोष नागे, सचिन बोरकर, सूरज यादव, अखिल दलवी, जयेश परिवाले, रोशन वर्हाडे, प्रशांत वानखडे, सागर चव्हाण, जावेद पटेल, प्रशांत नेवारे, धर्मा शिंदे, दिनेश नेमाडे, रामकृष्ण चांगोले, अमोल राठोड, उमेश चुलपार के दल ने की.





