नवनाथ वाघमारे ने फोडा नया राजनीतिक ‘बम’
मंत्री उदय सामंत और प्रसाद लाड पर लगाए गंभीर आरोप

* ओबीसी नेता के बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में मचा हड़कंप
* मराठा-ओबीसी विवाद के बीच बढ़ा सियासी तापमान
मुंबई/जालना/दि.17 – मराठा आरक्षण और ओबीसी आरक्षण को लेकर महाराष्ट्र में चल रही राजनीतिक और सामाजिक खींचतान के बीच ओबीसी आंदोलन से जुड़े नेता नवनाथ वाघमारे ने एक और विवादास्पद तथा सनसनीखेज दावा कर राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है. वाघमारे ने आरोप लगाया है कि राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत और भाजपा विधायक प्रसाद लाड ही मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल को आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रहे हैं और उन्हें उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ बयानबाजी करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं. वाघमारे के इन आरोपों ने न केवल महायुति सरकार के भीतर संभावित अंतर्विरोधों की चर्चा को हवा दी है, बल्कि मराठा-ओबीसी आरक्षण विवाद को भी नए राजनीतिक मोड़ पर ला खड़ा किया है.
जालना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए नवनाथ वाघमारे ने दावा किया कि उदय सामंत शिंदे गुट में स्वयं को असहज महसूस कर रहे हैं और भविष्य में बड़ी राजनीतिक भूमिका की तलाश में हैं. वाघमारे ने आरोप लगाया कि उदय सामंत उपमुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा रखते हैं और इसी कारण वे मनोज जरांगे पाटिल को कथित रूप से आर्थिक सहयोग देकर एकनाथ शिंदे की राजनीतिक छवि कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि सामंत पहले भाजपा नेताओं के संपर्क में रहे हैं और भविष्य में उनके राजनीतिक कदमों को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. वाघमारे ने यहां तक कहा कि शिवसेना (शिंदे गुट) के भीतर भी राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिशें हो रही हैं.
इसके साथ ही वाघमारे ने भाजपा विधायक प्रसाद लाड पर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि लाड भी भविष्य में मंत्री पद की दौड़ में शामिल होना चाहते हैं और राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय हैं. हालांकि वाघमारे ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई प्रत्यक्ष प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन उनके बयानों ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को तेज कर दिया है. ओबीसी नेता ने आरोप लगाया कि मराठा और ओबीसी समुदायों के बीच बढ़ती खाई के पीछे कुछ राजनीतिक ताकतें काम कर रही हैं. उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में आरक्षण के मुद्दे पर सामाजिक तनाव या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है, तो इसके लिए कुछ राजनीतिक नेताओं की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए. वाघमारे ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों को ऐसे तत्वों से सावधान रहने की सलाह भी दी.
गौरतलब है कि नवनाथ वाघमारे हाल ही में मराठा समाज की महिलाओं को लेकर दिए गए अपने एक विवादास्पद बयान के कारण राज्यभर में आलोचनाओं के केंद्र में आ गए थे. उनके उस बयान के खिलाफ विभिन्न मराठा संगठनों, महिला संगठनों और सामाजिक समूहों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी. नांदेड़ सहित कई जिलों में उनके खिलाफ प्रदर्शन हुए और सार्वजनिक माफी की मांग उठी. मराठा समाज की महिलाओं ने मोर्चा निकालकर उनके बयान की कड़ी निंदा की थी.
* भाजपा नेता प्रवीण दरेकर ने जताई नाराजगी
वाघमारे के विवादित बयानों पर भाजपा विधान परिषद सदस्य प्रवीण दरेकर ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि किसी भी समाज या समुदाय के बारे में अपमानजनक भाषा का प्रयोग करना निंदनीय है. दरेकर ने कहा कि राजनीतिक प्रसिद्धि पाने के लिए इस प्रकार की बयानबाजी करना लोकतांत्रिक संस्कृति के लिए नुकसानदायक है और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को अपनी भाषा की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए.
* लक्ष्मण हाके की संतुलित प्रतिक्रिया
ओबीसी आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल लक्ष्मण हाके ने वाघमारे के विवादित बयान का समर्थन करने से इनकार किया. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक और सामाजिक आंदोलनों में सभी पक्षों को अपनी भाषा और आचरण पर नियंत्रण रखना चाहिए. हाके ने संकेत दिया कि आरक्षण आंदोलन के दौरान कई नेताओं की भाषा को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं और समाज के विभिन्न वर्गों को एक-दूसरे के प्रति सम्मानजनक व्यवहार बनाए रखना चाहिए.
* राजनीतिक माहौल और गरमाया
मराठा आरक्षण, ओबीसी आरक्षण और आगामी स्थानीय निकाय एवं विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में महाराष्ट्र का राजनीतिक वातावरण पहले से ही संवेदनशील बना हुआ है. ऐसे समय में नवनाथ वाघमारे द्वारा लगाए गए आरोपों ने महायुति सरकार के भीतर संभावित अंतर्विरोधों, मराठा आंदोलन की दिशा और ओबीसी राजनीति को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है. हालांकि उदय सामंत, प्रसाद लाड या मनोज जरांगे पाटिल की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यदि आरोपों पर जवाबी बयान आते हैं तो यह विवाद आने वाले दिनों में और अधिक तूल पकड़ सकता है.





