शिक्षा के लिए कर्ज लेने के बाद भी नौकरी की गारंटी नहीं

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल का कथन

* बेरोजगारी और श्रम कानूनों में बदलाव पर सरकार को घेरा
* मजदूरों से संगठित होकर संघर्ष करने का किया आह्वान
पुणे /दि.17- महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने देश में बढ़ती बेरोजगारी और बदलती श्रम नीतियों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि आज की स्थिति ऐसी हो गई है कि युवा शिक्षा पूरी करने के लिए कर्ज लेते हैं, लेकिन इसके बाद भी उन्हें रोजगार मिलने की कोई गारंटी नहीं रहती. इसे उन्होंने वर्तमान व्यवस्था की सबसे बड़ी विडंबना और सामाजिक त्रासदी बताया.
राष्ट्रीय मजदूर संघ के 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित मजदूर सम्मेलन को संबोधित करते हुए सपकाल ने कहा कि एक समय था जब परिवारों में बच्चों को यह कहकर पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाता था कि अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के बाद नौकरी मिलेगी और जीवन सुरक्षित हो जाएगा. लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं. उन्होंने कहा, युवाओं में पढ़ने और आगे बढ़ने की इच्छा है. कई विद्यार्थी शैक्षणिक ऋण लेकर अपनी पढ़ाई पूरी करते हैं, लेकिन डिग्री हासिल करने के बाद भी रोजगार की कोई निश्चितता नहीं है. यह स्थिति देश के युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है.
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि देश पहले से ही गंभीर बेरोजगारी की समस्या का सामना कर रहा है. ऐसे समय में श्रम कानूनों में किए जा रहे बदलाव मजदूर वर्ग की परेशानियों को और बढ़ाने वाले साबित हो सकते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि नई व्यवस्थाएं कामगारों को अधिक असुरक्षित बना रही हैं तथा उन्हें स्थायी रोजगार के बजाय ठेका और अस्थायी व्यवस्था पर निर्भर रहने के लिए मजबूर किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मजदूर संगठनों को इन बदलावों के खिलाफ मजबूत और एकजुट आवाज उठानी चाहिए.
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सपकाल ने मजदूरों का आह्वान करते हुए कहा कि श्रमिक अधिकारों और रोजगार सुरक्षा के लिए महात्मा गांधी के अहिंसक संघर्ष के मार्ग पर चलते हुए व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि श्रमिक संगठित होकर अपनी बात मजबूती से रखेंगे तो श्रमिक विरोधी नीतियों को रोका जा सकता है.
कार्यक्रम में उपस्थित विधान परिषद सदस्य भाई जगताप ने भी मजदूरों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने आम आदमी के मन से भय को दूर कर उसे अन्याय के खिलाफ लड़ने की ताकत दी थी. आज भी मजदूरों को उसी भावना के साथ आगे आना होगा. जगताप ने कहा कि श्रमिकों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होना चाहिए और किसी भी प्रकार के अन्याय या शोषण के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करना चाहिए.
राष्ट्रीय मजदूर संघ के 26वें स्थापना दिवस पर आयोजित इस सम्मेलन में रोजगार, श्रमिक सुरक्षा, ठेका प्रथा, श्रम कानूनों में बदलाव और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई. कार्यक्रम में राष्ट्रीय मजदूर संघ के पदाधिकारी, श्रमिक प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कामगार उपस्थित रहे. सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि देश के आर्थिक विकास में मजदूरों की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए उनकी सुरक्षा, सम्मान और रोजगार की स्थिरता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए.

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