जिले में 3.53 लाख से अधिक मतदाता ‘अनकलेक्टेबल’ श्रेणी में
अमरावती जिले में एसआईआर का अंतिम चरण पूरा

* 86.13% मतदाताओं के गणना फॉर्म डिजिटाइज, शेष के नाम कटने की संभावना
* स्थायी रूप से स्थानांतरित और मृत मतदाताओं की संख्या सर्वाधिक
अमरावती/दि.18 – निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत अमरावती जिले के आठ विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता गणना फॉर्म (ईएफ) डिजिटाइजेशन का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है. 18 अगस्त 2026 को दोपहर 3 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले के कुल 25 लाख 45 हजार 677 मतदाताओं में से 21 लाख 92 हजार 621 मतदाताओं के गणना फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं. यह कुल मतदाताओं का 86.13 प्रतिशत है. वहीं 3 लाख 53 हजार 56 मतदाता (13.87 प्रतिशत) ऐसे पाए गए हैं, जिनके गणना फॉर्म उपलब्ध नहीं हो सके या वे ‘अनकलेक्टेबल’ श्रेणी में दर्ज किए गए हैं. इन मतदाताओं के नाम प्रारूप मतदाता सूची से बाहर होने की आशंका जताई जा रही है.
एसआईआर रिपोर्ट के अनुसार अनकलेक्टेबल श्रेणी में शामिल मतदाताओं में सबसे अधिक 1 लाख 64 हजार 499 मतदाता स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो चुके हैं. इसके अलावा 1 लाख 9 हजार 316 मृत मतदाता, 22 हजार 328 अनुपस्थित अथवा पता न चलने वाले मतदाता, 981 अन्य श्रेणी के मतदाता तथा 55 हजार 932 पहले से अन्यत्र पंजीकृत मतदाता शामिल हैं.
* दर्यापुर और मोर्शी अव्वल, अमरावती सबसे पीछे
जिले में डिजिटाइजेशन प्रतिशत के आधार पर मोर्शी विधानसभा क्षेत्र 90.84 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि दर्यापुर में 90.14 प्रतिशत और मेलघाट में 88.96 प्रतिशत डिजिटाइजेशन दर्ज किया गया. इसके विपरीत अमरावती विधानसभा क्षेत्र में केवल 79.81 प्रतिशत गणना फॉर्म डिजिटाइज हुए, जो जिले में सबसे कम है. यहां 75 हजार 786 मतदाता अनकलेक्टेबल श्रेणी में दर्ज किए गए हैं, जो सभी विधानसभा क्षेत्रों में सर्वाधिक है.
* प्रारूप मतदाता सूची पर असर
निर्वाचन विभाग के अनुसार एसआईआर अभियान के दौरान जिन मतदाताओं के गणना फॉर्म प्राप्त नहीं हुए या जिनकी पहचान, निवास अथवा अन्य विवरण सत्यापित नहीं हो सके, उन्हें अनकलेक्टेबल श्रेणी में रखा गया है. ऐसे मामलों की अंतिम जांच के बाद प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. जिले में 3.53 लाख से अधिक मतदाताओं का अनकलेक्टेबल श्रेणी में आना प्रशासन और राजनीतिक दलों दोनों के लिए महत्वपूर्ण विषय बन गया है. आगामी दिनों में दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान इन मतदाताओं के नामों को लेकर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
* राजनीतिक दलों की नजर
चूंकि विधानसभा चुनावों में मतदाता सूची की शुद्धता बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, इसलिए एसआईआर के अंतिम आंकड़ों पर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की नजर है. खासकर अमरावती, बडनेरा और तिवसा विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अनकलेक्टेबल मतदाता सामने आने से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है. निर्वाचन विभाग का कहना है कि पात्र मतदाताओं को सूची से वंचित न किया जाए और अपात्र नाम हटाए जाएं, इसी उद्देश्य से यह विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया गया है. अब अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद जिले की वास्तविक मतदाता संख्या स्पष्ट हो सकेगी.





