सूखे से बेहाल किसानों का कुएं में उतरकर आंदोलन
जलगांव जामोद में अनोखा प्रदर्शन, प्रशासन में मची हलचल

बुलढाणा/दि.6- बुलढाणा जिले में बारिश की कमी के कारण पैदा हुए सूखे के संकट के बीच किसानों का आंदोलन तेज होता जा रहा है. फसल और कृषि संकट से जूझ रहे किसानों ने अपनी समस्याओं तथा ठोस सरकारी मदद की मांग को लेकर मंगलवार को जलगांव जामोद तहसील में कुएं में उतरकर आंदोलन किया. किसानों के इस अनोखे प्रदर्शन से पुलिस के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों में भी हलचल मच गई.
कृषिप्रधान बुलढाणा जिले में इस वर्ष बारिश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. कई क्षेत्रों में पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेती प्रभावित हुई है और किसानों के सामने फसल बचाने के साथ-साथ आर्थिक संकट का भी सवाल खड़ा हो गया है. किसानों की समस्याओं की ओर सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों तथा किसान संगठनों की ओर से लगातार आंदोलन किए जा रहे हैं. इसी के तहत जिले के सीमावर्ती जलगांव जामोद तहसील में मंगलवार को किसानों ने प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने के लिए कुएं में उतरकर आंदोलन किया. जलगांव जामोद मध्यप्रदेश की सीमा से सटा हुआ क्षेत्र है. यहां बारिश की कमी और खेती से जुड़ी समस्याओं को लेकर किसानों में असंतोष दिखाई दे रहा है.
किसानों के कुएं में उतरने की जानकारी मिलते ही पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची. किसानों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए गए. आंदोलन के कारण मौके पर कुछ समय के लिए प्रशासनिक तंत्र में हलचल की स्थिति रही. बुलढाणा जिले के विभिन्न हिस्सों में बारिश की कमी के कारण कृषि क्षेत्र प्रभावित हुआ है. किसानों का कहना है कि पर्याप्त बारिश नहीं होने से फसलों पर संकट खड़ा हो गया है. ऐसे में उन्हें तत्काल सरकारी सहायता की आवश्यकता है.
जलगांव जामोद में किसानों के कुएं में उतरकर किए गए आंदोलन ने प्रशासन के सामने तत्काल स्थिति संभालने की चुनौती खड़ी कर दी. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत शुरू की जिले में सूखे की स्थिति और किसानों की मांगों को लेकर आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने की संभावना के बीच प्रशासन के सामने किसानों की समस्याओं पर ठोस कदम उठाने का दबाव बढ़ गया है.





