चमन नगर में रिंग रोड के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू

जबरदस्त विरोध व तनाव के बीच चला मनपा का बुलडोजर

* वर्षों से अटके रिंग रोड प्रोजेक्ट को गति देने की कवायद
* कई महिलाओं व पुरूषों ने बच्चों के साथ किया विरोध
* पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को लिया हिरासत में
अमरावती/दि.18 – शहर के बहुप्रतीक्षित रिंग रोड प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए मंगलवार को चमन नगर क्षेत्र में अमरावती महानगरपालिका ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी. सुबह से शुरू हुई इस कार्रवाई के दौरान भारी तनाव का माहौल बना रहा. कई स्थानीय नागरिकों, महिलाओं और बच्चों ने बुलडोजर के सामने बैठकर विरोध जताया, जबकि एमआईएम पार्षद नजीब खान सहित कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं को पुलिस ने एहतियातन हिरासत में लिया. मनपा प्रशासन का कहना है कि लालखड़ी से साईनगर (अकोली) और साहिल लॉन होते हुए चमन नगर के पीछे से गुजरने वाले रिंग रोड का कार्य पिछले कई वर्षों से केवल 500 मीटर क्षेत्र में अतिक्रमण के कारण रुका हुआ है. इस हिस्से को अतिक्रमण मुक्त किए बिना 60 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण संभव नहीं है.
* 46 अतिक्रमणधारकों का मामला
प्रशासन के अनुसार संबंधित क्षेत्र में कुल 46 अतिक्रमणधारकों का कब्जा था. इनमें 15 भूखंड धारक, 22 नजूल पट्टाधारक तथा अन्य अतिक्रमणकारी शामिल हैं. 15 भूखंड धारकों को पहले ही भूमि अधिग्रहण के एवज में मुआवजा दिया जा चुका है और उन्होंने अपनी जमीन प्रशासन को सौंप दी है. वहीं 22 नजूल पट्टाधारकों में से 15 मामलों का निपटारा हो चुका है, जबकि शेष सात मामलों की सुनवाई बुधवार को जिलाधिकारी के समक्ष होने वाली है. मनपा अधिकारियों के अनुसार अधिकांश अतिक्रमणधारकों को नियमानुसार मुआवजा दिया गया है. हालांकि कुछ मूल अतिक्रमणधारकों ने मुआवजा प्राप्त करने के बाद अपने मकान अन्य लोगों को बेच दिए. ऐसे में वर्तमान में रहने वाले परिवारों को कोई लाभ नहीं मिला, जिसके कारण विवाद उत्पन्न हुआ. इसी मुद्दे को लेकर 19 प्रभावित परिवार उच्च न्यायालय भी पहुंचे थे.
* पुनर्वास का मुद्दा बना विवाद का कारण
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मनपा ने चमन नगर के समीप रिंग रोड क्षेत्र में प्रभावित परिवारों को 500-500 वर्गफुट के भूखंड देने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन वहां सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं. इसी कारण पुनर्वास प्रक्रिया एक वर्ष से अधिक समय से लंबित है. पूर्व मनपा आयुक्त सौम्या शर्मा ने भी अपने कार्यकाल में क्षेत्र का दौरा कर पुनर्वास स्थल पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन नागरिकों का आरोप है कि अब तक उस दिशा में ठोस कार्य नहीं हुआ.
* नोटिस के बाद बढ़ा विरोध
मनपा ने लगभग दस दिन पहले प्रभावित परिवारों को नोटिस जारी कर 18 अगस्त से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी दी थी. इसके बाद स्थानीय लोगों ने एमआईएम पार्षद नजीब खान के नेतृत्व में मनपा आयुक्त डॉ. मंगेश गोंदावले से मुलाकात कर कार्रवाई रोकने और पहले पुनर्वास सुनिश्चित करने की मांग की थी. बताया जाता है कि आयुक्त ने स्थल का निरीक्षण भी किया था और पुनर्वास स्थल पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था. इसके बावजूद सोमवार रात मनपा और पुलिस प्रशासन का अमला क्षेत्र में पहुंच गया और मंगलवार सुबह कार्रवाई शुरू कर दी गई.
* महिलाओं और बच्चों का भावुक विरोध
कार्रवाई के दौरान कई महिलाएं अपने बच्चों के साथ बुलडोजर के सामने बैठ गईं. कुछ लोगों ने राष्ट्रगान गाकर कार्रवाई रोकने का प्रयास किया. स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. अलीम पटेल और किरण गुडधे भी मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों के समर्थन में खड़े हुए. स्थिति तनावपूर्ण होते देख पुलिस ने विरोध प्रदर्शन कर रहे कई लोगों को हिरासत में लेकर स्थल से हटाया, जिसके बाद मनपा के तोड़ू दस्ते ने कार्रवाई आगे बढ़ाई.
* वर्षों पुराना रिंग रोड प्रोजेक्ट फिर पटरी पर आने की उम्मीद
मनपा अधिकारियों के अनुसार चमन नगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटने के बाद जुनी बस्ती बडनेरा से रिंग रोड की ओर जाने वाला 60 मीटर चौड़ा मार्ग पूरी तरह खुल सकेगा. इससे वर्षों से अधर में लटका रिंग रोड प्रोजेक्ट आगे बढ़ सकेगा और शहर के यातायात दबाव को कम करने में मदद मिलेगी. हालांकि प्रभावित परिवारों का कहना है कि पुनर्वास और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था किए बिना की जा रही कार्रवाई उनके साथ अन्याय है. ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और प्रभावित नागरिकों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बना रह सकता है.

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