डफरीन अग्निकांड के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
7 सदस्यीय जांच समिति गठीत, 8 दिन में देगी रिपोर्ट

* स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर की पत्रवार्ता में घोषणा
* आनन-फानन में अमरावती पहुंचे, आते ही डफरीन अस्पताल को दी भेंट
* जले हुए वार्ड का दौरा पीडित व प्रभावित परिवारों से की भेंट, सांत्वना दी
अमरावती/दि.24 – अमरावती के जिला स्त्री अस्पताल (डफरीन) के नवजात शिशु अतिदक्षता विभाग (एसएनसीयू) में सोमवार तड़के हुई भीषण आग की घटना के बाद महाराष्ट्र सरकार ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने स्वास्थ्य सचिव के साथ आज अमरावती पहुंचकर डफरीन अस्पताल स्थित घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस हृदयविदारक हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
सोमवार दोपहर डफरीन अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य मंत्री ने दुर्घटनास्थल का जायजा लिया, अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा उपचाराधीन बच्चों की स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसी घटनाएं किसी भी परिस्थिति में नहीं होनी चाहिए थीं. उन्होंने माना कि अस्पताल के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी. इस पत्रवार्ता में विधायक सुलभा खोडके, महापौर श्रीचंद तेजवानी, स्थायी समिती सभापति अविनाश मार्डीकर, रायुकां नेता यश खोडके, विभागीय आयुक्त नयना गुंडे, जिलाधीश आशीष येरेकर, जिला शल्य चिकित्सक डॉ. विनोद पवार, पूर्व स्थायी सभापति व पार्षद राधा कुरिल, भाजपा पदाधिकारी किरण पातुरकर, शिंदे गुट वाली शिवसेना की महिला नेत्री प्रीती बंड, जिला प्रमुख संतोष बद्रे, श्याम देशमुख व आशिष धर्माले आदी उपस्थित थे.
* स्वास्थ्य आयुक्त की अध्यक्षता में गठित हुई 7 सदस्यीय समिति
स्वास्थ्य मंत्री आबिटकर ने बताया कि दुर्घटना की जांच के लिए स्वास्थ्य आयुक्त की अध्यक्षता में सात सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है. समिति में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा एम्स, डीएमईआर (डायरेक्टोरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च) के विशेषज्ञ तथा महावितरण (एमएसईबी) के मुख्य विद्युत अभियंता भी शामिल रहेंगे. उन्होंने कहा कि समिति को आठ दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं. रिपोर्ट में दुर्घटना के वास्तविक कारणों के साथ-साथ जिम्मेदार व्यक्तियों और एजेंसियों की स्पष्ट जवाबदेही तय की जाएगी.
* जो भी दोषी होगा, उसकी खैर नहीं
पत्रकारों से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि घटना की पूरी सच्चाई सामने लाना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि, यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. जिन तीन नवजात बच्चों की जान गई है, उनकी क्षति की भरपाई संभव नहीं है. लेकिन यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस दुर्घटना के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसकी किसी भी स्तर पर गय नहीं होगी. जांच रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि चाहे दोष वेंटिलेटर में हो, विद्युत व्यवस्था में हो, अस्पताल प्रबंधन में हो अथवा प्रशासनिक लापरवाही में, किसी को भी नहीं छोड़ा जाएगा.
* वेंटिलेटर से लेकर बिजली व्यवस्था तक होगी पड़ताल
स्वास्थ्य मंत्री आबिटकर ने कहा कि अभी आग लगने के वास्तविक कारणों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी. प्रारंभिक जानकारी में वेंटिलेटर में विस्फोट की बात सामने आई है, लेकिन इसकी तकनीकी और वैज्ञानिक जांच आवश्यक है. समिति जांच करेगी कि, वेंटिलेटर में तकनीकी खराबी थी या नहीं, उपकरणों का रखरखाव समय पर किया गया था या नहीं, विद्युत प्रणाली में शॉर्ट सर्किट अथवा अन्य दोष था या नहीं, अस्पताल की अग्निसुरक्षा व्यवस्था मानकों के अनुरूप थी या नहीं, सुरक्षा उपकरणों और आपातकालीन व्यवस्थाओं ने सही ढंग से काम किया या नहीं, किसी स्तर पर प्रशासनिक अथवा तकनीकी लापरवाही हुई या नहीं.
* फायर ऑडिट और सुरक्षा प्रणाली भी जांच के घेरे में
स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने कहा कि हादसे के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि धुआं फैलने पर चेतावनी देने वाले सायरन और स्प्रिंकलर प्रणाली ने समय पर काम क्यों नहीं किया. एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि, सायरन पहले बजना चाहिए था और उसके बाद स्प्रिंकलर सिस्टम सक्रिय होना चाहिए था. यदि ऐसा नहीं हुआ है तो इसकी भी जांच की जाएगी और समस्या की जड़ तक पहुंचकर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि अस्पताल का फायर ऑडिट समय पर हुआ था या नहीं, ऑडिट में बताई गई कमियों को दूर किया गया था या नहीं, तथा सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक हुई थी या नहीं, इसकी भी विस्तृत जांच होगी.
* टेंडर एजेंसी पर भी कार्रवाई के संकेत
जब पत्रकारों ने पूछा कि यदि टेंडर प्रक्रिया या संबंधित एजेंसी की लापरवाही सामने आती है तो क्या उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा, इस पर आबिटकर ने स्पष्ट कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि, टेंडर प्रक्रिया में यदि किसी एजेंसी या संस्था की जिम्मेदारी तय होती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई होगी.
* राज्यभर के अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा
स्वास्थ्य मंत्री आबिटकर ने बताया कि इस घटना के बाद मंत्रालय स्तर पर विशेष बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों की अग्निसुरक्षा व्यवस्था, फायर ऑडिट प्रणाली, आपदा प्रबंधन तंत्र और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार केवल इस घटना की जांच तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए व्यापक और दीर्घकालिक कदम उठाए जाएंगे.
* तीन मासूमों की सच्ची श्रद्धांजलि होगी ऐसी घटना दोबारा न होना
इस पत्रवार्ता के अंत में स्वास्थ्य मंत्री आबिटकर ने कहा कि इस दुर्घटना से पूरे स्वास्थ्य तंत्र को सीख लेने की आवश्यकता है. उन्होंने भावुक स्वर में कहा कि, हम बहुत कुछ कर सकते हैं, लेकिन जिन तीन मासूम बच्चों की जान चली गई, उन्हें वापस नहीं ला सकते. उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि भविष्य में किसी भी अस्पताल में ऐसी त्रासदी दोबारा न होने पाए.
डफरीन अस्पताल अग्निकांड के बाद अब पूरे राज्य की निगाहें सात सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं. उम्मीद की जा रही है कि जांच से दुर्घटना के वास्तविक कारण सामने आएंगे और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होगी, जिससे अस्पतालों में भर्ती मरीजों और नवजात शिशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

* स्वास्थ्य मंत्री ने रोते-कलपते परिवारों को दी सांत्वना
डफरीन अग्निकांड की जानकारी मिलते ही अमरावती पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने सबसे पहले इस अग्निकांड में मारे गए तीनों नवजातों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी. इस समय पीडित परिवारों ने स्वास्थ्य मंत्री के सामने रोते-कलपते हुए अपना दर्द बयान किया तथा अपने बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ त्वरीत कार्रवाई करने की मांग उठाई. जिस पर सकारात्मक जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री आबिटकर ने मामले की सघन जांच करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया.

* स्वास्थ्य मंत्री ने घटनास्थल का भी किया निरीक्षण
डफरीन अस्पताल के सभागार में पत्रवार्ता को संबोधित करने के साथ ही स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने डफरीन अस्पताल की चौथी मंजिल स्थित एनआयसीयू कक्ष के कुछ हिस्से को भी भेंट दी. जहां पर बीती रात भीषण आग लगकर तीन नवजात बच्चों की मौत हुई थी. इस कक्ष में तमाम जले हुए साहित्य एवं उपकरणों का निरीक्षण करने के साथ ही स्वास्थ्य मंत्री आबिटकर ने मामले की सघन जांच करने के आदेश भी संबंधितों के नाम जारी किए.





