मोर्शी के मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय के निर्माण पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

वॉल कंपाउंड में रेत के बजाय केवल डस्ट इस्तेमाल करने का आरोप

* घटिया निर्माण रोकने की मांग
मोर्शी /दि.26- शहर के बहुप्रतीक्षित और महत्वाकांक्षी मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय के निर्माण कार्य को लेकर कांग्रेस पदाधिकारियों ने गंभीर सवाल उठाए हैं. करीब 128 करोड़ रुपये की मंजूर निधि से शुरू हुए इस प्रकल्प के पहले चरण में वॉल कंपाउंड का निर्माण किया जा रहा है. हालांकि, निर्माण के दौरान कॉलम में रेत का इस्तेमाल नहीं करते हुए केवल डस्ट का उपयोग किए जाने का आरोप स्थानीय नागरिकों ने लगाया है.
स्थानीय नागरिकों ने इस संबंध में मोर्शी शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तथा नगरसेवक भूषण कोकाटे को जानकारी दी. इसके बाद महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी ओबीसी सेल के सचिव विपुल भडांगे सहित कांग्रेस पदाधिकारियों ने निर्माण स्थल का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान वॉल कंपाउंड का निर्माण कार्य शुरू था, लेकिन वहां एक घमेला भी रेत दिखाई नहीं देने का दावा कांग्रेस पदाधिकारियों ने किया. कांग्रेस पदाधिकारियों का कहना है कि निर्माण में रेत के बजाय केवल डस्ट का इस्तेमाल किए जाने से वॉल कंपाउंड की गुणवत्ता और मजबूती पर सवाल खड़े होते हैं. भविष्य में यह निर्माण टिकेगा या नहीं, इसको लेकर भी उन्होंने चिंता जताई.
* सुपरवाइजर और इंजीनियर से मांगा जवाब
निर्माण स्थल पर मौजूद सुपरवाइजर से इस संबंध में पूछताछ की गई, लेकिन उनके द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने का आरोप कांग्रेस पदाधिकारियों ने लगाया. इसके बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग के इंजीनियर बोडखे से मोबाइल फोन पर संपर्क कर निर्माण की गुणवत्ता को लेकर जानकारी मांगी गई. कांग्रेस के अनुसार, इंजीनियर की ओर से भी इस संबंध में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया. कांग्रेस पदाधिकारियों ने मांग की कि जब तक निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की उचित जांच नहीं हो जाती, तब तक कथित घटिया निर्माण कार्य को तत्काल बंद किया जाए.
* ‘भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा’
भूषण कोकाटे और विपुल भडांगे ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता आगे होने वाले सभी निर्माण कार्यों पर नजर रखेंगे. मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय का निर्माण गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए. निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संबंधित ठेकेदार को इस संबंध में चेतावनी दी जाएगी. उन्होंने कहा कि इतने बड़े और महत्वपूर्ण प्रकल्प के निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए. निर्माण कार्य में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए.
* मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुआ था भूमिपूजन
गौरतलब है कि मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय के निर्माण का भूमिपूजन समारोह पिछले वर्ष राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा कई मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और अधिकारियों की मौजूदगी में भव्य रूप से आयोजित किया गया था. ऐसे महत्वपूर्ण प्रकल्प के निर्माण में ही अनियमितता और घटिया गुणवत्ता के आरोप सामने आना गंभीर मामला है, ऐसा मत विपुल भडांगे और भूषण कोकाटे ने व्यक्त किया.

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