चोरी की 10 ऑटो रिक्शा बरामद, आरोपी घुगे गिरफ्तार
वाशिम एलसीबी की बडी कार्रवाई

* एक चालान ने किया पर्दाफाश, फर्जी नंबर प्लेट
वाशिम /दि.25– एक गलत मोबाइल पर आए ई- चालान संदेश ने चोर की ऑटो रिक्शाओं के रैकेट का पर्दाफाश कर दिया. वाशिम स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने राज्य के साथ- साथ दूसरे राज्यों से चोरी की गई ऑटो रिक्शाओं की फर्जी नंबर प्लेट लगाकर खरीद फरोख्त करनेवाले आरेापी को दबोचते हुए 10 चोरी की ऑटो रिक्शाएं जब्त की है. जब्त माल की कुल कीमत करीब 8 लाख 60 हजार रूपए बताई गई है.
अपनी ऑटो पास, फिर वाशिम में ई-चालान कैसे ?
हिंगोली के एक ऑटो चालक के मोबाइल पर अचानक वाशिम और मालेगांव क्षेत्र में काटे गए ई- चालान का संदेश पहुंचा. चालक उस समय ऑटों के साथ मौजूद था. ऐसे में उसके नंबर पर वाशिम में चालान कैसे कट गया. इस सवाल ने उसे चौंका दिया. उसने तुरंत यह जानकारी वाशिम के पुलिस कर्मचारी विठ्ठल महाले को दी. महाले ने संबंधित ऑटो का फोटो मंगवाया. फोटो देखकर मामला साफ हुआ कि ऑटो दूसरी थी, लेकिन उस पर नंबर प्लेट हिंगोली के वास्तविक मालिक का ऑटो नंबर लगा था.
* दूसरे व्यक्ति को भी मिला ऐसा ही संदेश
इसी दौरान वाशिम तहसील के एक अन्य व्यक्ति के मोबाइल पर भी इसी तरह का ई-चालान संदेश आया. पुलिस ने जब उसे ऑटों का फोटो दिखाया तो उसने भी स्पष्ट किया कि फोटो में दिखाई दे रही ऑटो उसकी नहीं है. लेकिन उस पर लगा नंबर उसकी पुरानी ऑटो का है. इसके बाद पुलिस का शक गहरा गया और जांच शुरू हुई.
घर पर छापा तो 10-12 ऑटो देखकर पुलिस भी हैरान
गुप्त जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वाशिम शहर के शुक्रवार पेठ, इनामदारपुरा निवासी दादाराव राजाराम घुगे (52) के पास संदिग्ध ऑटो रिक्शाएं है. एलसीबी की टीम ने उसके घर पर छापा मारा तो वहां से 10 से 12 ऑटो रिक्शाएं खडी मिली.
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने ऑटो रिक्शा के चोरी होने की बात स्वीकार की. इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 8.60 लाख रूपए कीमत की 10 चोरी की ऑटो रिक्शा जब्त कर दादाराव घुगे को हिरासत में ले लिया.
* वाशिम शहर थाने में मामला दर्ज
आरोपी के खिलाफ पुलिस स्टेशन वाशिम शहर में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस बरामद ऑटो रिक्शाओं के वास्तविक मालिको और उनके चोरी होने की घटनाओं के संबंध में आगे की जांच कर रही है.
* इनके मार्गदर्शन में कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक निकेश खाटमोडे, अपर पुलिस अधीक्षक लता फड, पुलिस विभागीय अधिकारी रामकृष्ण पवार और पुलिस निरीक्षक सुधाकर आढे के मार्गदर्शन में की गई. कार्रवाई करनेवाली टीम में पुलिस निरीक्षक सचिन गोखले, पुलिस हेड कास्टेबल गजानन अवगले, दिलीप देवकते, विनोद अवगले, पुलिस कर्मचारी विठ्ठल महाले, संदीप दुंतोडे, तुषार ठाकरे तथा चालाक सुनील तायडे शामिल थे.





