शेगांव में हुआ राजपूत फोरम का सावन महिला महोत्सव

राजस्थानी संस्कृति, परंपरा और महिला शक्ति का दिखा अनूठा संगम

* दिसंबर में होगा संगठन का अधिवेशन
शेगांव /दि.21- राजस्थान से करीब 350 वर्ष पूर्व महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में आकर बसे राजपूत समाज को संगठित एवं सशक्त मंच प्रदान करने के उद्देश्य से वर्ष 2011 में स्थापित राजपूत फोरम, प्रदेश महाराष्ट्र सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है. संगठन के चार विभागों के साथ प्रदेश महिला एवं युवा प्रकोष्ठ भी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से समाज को जोडने का कार्य कर रहे है.
इसी श्रृंखला में रविवार 16 अगस्त को पुण्य संत नगरी शेगांव में पारंपरिक रीति-रिवाजों और राजस्थानी संस्कृति के रंगो से सजा भव्य सावन महिला महोत्सव आयोजित किया गया. भंडारा, वर्धा, नागपुर, अमरावती, पुणे, जलगांव, नाशिक, अकोला, मुंबई, मलकापुर, कोल्हापुर और संभाजी नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों से क्षत्रणियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की.
कार्यक्रम की अध्यक्षता मंजूषा धाकरे (रोटेगांव-संभाजी नगर) ने की. अतिथियों के रुप में सुशीला राजपूत (अमरावती), दुर्गा राजपूत (मलकापुर) एवं संध्या परदेसी (संभाजी नगर) उपस्थित रही.
तारकेश्वरी सायर (वरुड) ने महिला प्रकोष्ठ की प्रस्तावना प्रस्तुत की. शीतल मुंगोना ने सावन महोत्सव की परंपरा तथा महाराणा प्रताप के गौरवशाली इतिहास की जानकारी दी. अनुराधा राजपूत ने स्वास्थ्य जागरुकता पर मार्गदर्शन किया. अलका सूर्यवंशी एवं जयश्री खांबरे ने रोचक प्रश्नमंजूषा के माध्यम से प्रतिभागियों का ज्ञानवर्धन किया. मीना राजपूत ने मनोरंजक खेलों के साथ महिला प्रकोष्ठ पर सुंदर कविता प्रस्तुत की.
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन मनीषा (मलकापुर) ने श्लोकों एवं भारतीय संस्कृति के अनुरुप किया. वहीं डॉ. संजीवनी, डॉ. अनुराधा एवं वैजापुर की क्षत्राणी सहयोगियों ने राजस्थानी भाषा में प्रस्तुत लघु नाटिका के माध्यम से ‘सोच बदलो’ का संदेश दिया, जिसे उपस्थित महिलाओं ने सराहा. अंत में रीता सायर (मुंबई) ने आभार व्यक्त किया.
मेहंदी, चूडी, घूमर और सावन मिलन के रंगो से सजे इस आयोजन में राजपूती संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिली. आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मातृभूमि के प्रति प्रेम, निष्ठा, त्याग, बलिदान, स्वाभिमान, संस्कार और बडों के सम्मान जैसे राजपूती मूल्यों की अभिव्यक्ति भी बना. महिलाओं ने अपनी राजस्थानी जडों और क्षत्रिय पहचान पर गर्व व्यक्त किया.
* शिर्डी और मलकापुर में भी हो चुके हैं सम्मेलन
राजपूत फोरम की ओर से शेगांव से पूर्व शिर्डी एवं मलकापुर में भी सफल महिला सम्मेलन आयोजित किए जा चुके है. वर्ष 2014 में अमरावती में आयोजित अधिवेशन के दौरान ठाकुर हरिवंशसिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के करकमलों से राजपूत फोरम की पुस्तक का विमोचन किया गया था. इसी अवसर पर संगठन को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा से विधिवत संलग्न किया गया.

* दिसंबर में होगा भव्य अधिवेशन
राजपूत फोरम के अध्यक्ष राजेंद्रसिंह राजपूत ने दिसंबर 2026 के अंत में संगठन का भव्य अधिवेशन आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया. इस अधिवेशन में समाज को नई ऊर्जा और दिशा देने वाले सक्रिय लोगों को नई कार्यकारिणी में अवसर देने के साथ संगठन की स्थापना एवं विकास में अमूल्य योगदान देनेवाले महानुभावों का यथोचित सम्मान किया जाएगा. शेगांव का सावन महिला महोत्सव राजपूत समाज की महिला शक्ति की एकजुटता और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता का प्रभावी उदाहरण बना. आयोजन ने समाज में नई ऊर्जा, दिशा और आत्मविश्वास का संचार किया. कार्यक्रम के अंत में ‘जय महाराणा, जय राजपूताना’ के उद्घोष से वातावरण गूंज उठा.

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