एक महीने में 70 महामंडलों पर नियुक्तियां

महायुति का 70:30 फॉर्मूला लागू

मुंबई/दि.25 – महायुति सरकार में अंदरूनी मतभेद, निधि वितरण को लेकर चल रही खींचतान और लंबे समय से लंबित महामंडलों की नियुक्तियों को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ‘वर्षा’ पर हुई महायुति की समन्वय बैठक में स्थानीय निकायों के सभी चुनाव मिलकर लड़ने और अगले एक महीने में 70 महामंडलों पर 650 से अधिक सदस्यों की नियुक्तियां पूरी करने का निर्णय लिया गया.
बैठक के बाद राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इसकी जानकारी दी. जिला नियोजन समिति के निधि वितरण को लेकर महायुति के विधायकों में चल रही नाराजगी दूर करने के लिए 70:30 का फॉर्मूला तय किया गया है. इसके तहत जिला नियोजन समिति के 70 प्रतिशत निधि का अधिकार संबंधित विधानसभा क्षेत्र के विधायकों को विकास कार्यों के लिए दिया जाएगा, जबकि 30 प्रतिशत निधि के वितरण का अधिकार पालकमंत्रियों के पास रहेगा. पालकमंत्री इस निधि का वितरण आपसी समन्वय से करेंगे.
* एक महीने में 70 महामंडलों पर नियुक्तियां
महायुति सरकार ने विभिन्न महामंडलों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने का भी निर्णय लिया है. अगले एक महीने में 70 महामंडलों पर 650 से अधिक सदस्यों की नियुक्तियां पूरी की जाएंगी. इससे महायुति के घटक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को विभिन्न संस्थाओं में प्रतिनिधित्व मिलने का रास्ता साफ होगा.
* सभी स्थानीय निकाय चुनाव मिलकर लड़ेंगे
बैठक में महायुति के सभी घटक दलों ने आगामी स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव एकजुट होकर लड़ने पर भी सहमति जताई. गठबंधन के 12 घटक दलों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया. महायुति में आपसी विवादों को सार्वजनिक होने से रोकने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सभी विधायकों, सांसदों और पालकमंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं. नेताओं से कहा गया है कि वे मीडिया के सामने जाकर गठबंधन के घटक दलों या नेताओं के खिलाफ बयानबाजी न करें. सरकार और महायुति की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले सार्वजनिक विवादों से बचने की हिदायत दी गई है.

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