‘डफरीन’ में निचली मंजिल पर शुरू हुआ अस्थायी एनआयसीयू
तीन बेड वाले कक्ष में अभी वेंटिलेटर की व्यवस्था नहीं

* फिलहाल एनआयसीयू में केवल एक नवजात ही भर्ती
* गंभीर स्थिती वाले एक अन्य नवजात को अन्यत्र किया गया रेफर
अमरावती/दि.25 – गतरोज भीषण अग्निकांड का साक्षी बने जिला स्त्री अस्पताल यानी डफरीन अस्पताल में अब कामकाज धीरे-धीरे पूर्ववत होता दिखाई दे रहा है. अस्पताल में गर्भवती व नवप्रसुता महिलाओं सहित नवजात बच्चों को स्वास्थ्य व चिकित्सा सेवाएं अबाधित रूप से उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा कामकाज एवं व्यवस्थाओं को सुचारू किया जा रहा है. जिसके तहत समयपूर्व जन्मे एवं गंभीर स्थिती में रहनेवाले नवजात बच्चों को इलाज हेतु भर्ती कराने के लिए जिला महिला अस्पताल की निचली मंजिल पर स्थित एक कक्ष में अस्थायी तौर पर तीन बेड वाला एनआयसीयू शुरू किया गया. जहां इस समय एक नवजात बच्चे को एडमिट रखा गया है. वहीं गंभीर स्थिती में रहनेवाले एक अन्य नवजात को यहां से शहर के अन्य अस्पताल में रेफर किया गया. साथ ही गतरोज हुई भीषण दुर्घटना को ध्यान में रखते हुए फिलहाल इस अस्थायी एनआयसीयू में वेंटिलेटर नहीं लगाया गया है.
इस संदर्भ में जानकारी देते हुए डफरीन अस्पताल प्रबंधन द्वारा बताया गया कि, गंभीर स्थिती में रहनेवाले नवजात बच्चों के लिए डफरीन अस्पताल में अस्थायी एनआयसीयू साकार करने के साथ ही इस संदर्भ में पीडीएमसी अस्पताल के साथ टायअप किया गया है. जहां के एनआयसीयू में समयपूर्व जन्मे बच्चों सहित गंभीर स्थिती वाले बच्चों को भेजा जाएगा. इसके अलावा एनआयसीयू की सुविधा रहनेवाले शहर के अन्य निजी अस्पतालों सहित नागपुर के मेडिकल अस्पताल को भी इस संदर्भ में सुचित करते हुए किसी भी आपात स्थिती के लिए तैयार करने कहा गया. इसके साथ ही डफरीन अस्पताल प्रबंधन द्वारा बताया गया कि, अचलपुर के उपजिला अस्पताल में 12 व धारणी के उपजिला अस्पताल में 5 बेडवाले एनआयसीयू की व्यवस्था है. जहां पर संबंधित क्षेत्रों से वास्ता रखनेवाले नवजात बच्चों को इलाज हेतु भर्ती रखा गया है.





