बीजेपी को संवेदना न सिखाएं उबाठा, यह तो स्वास्थ्य आयुक्त का मुंह काला करनेवाले थे

दहीहांडी रद्द की, सबसे पहले पीडितों को दी सहायता

* नवजात की जान जाने की खबर ने पालकमंत्री को किया द्रवित, पूरे समय टच में रहे
* डफरीन की घटना पर केवल पॉलिटिक्स कर रही सुषमा अंधारे
* शहर-जिला भाजपा का तगडा पलटवार
* विधायक प्रवीण पोटे आक्रमक, कहा हम केवल समाजकारण करते
अमरावती/दि.27 – भारतीय जनता पार्टी ने शिवसेना उबाठा की नेता सुषमा अंधारे द्वारा पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के राजस्थान में गोलगप्पे खाने और उसके रील बनाने के आरोपों की आज धज्जियां उडाते हुए दावा किया कि, भारतीय जनता पार्टी राजकारण करती ही नहीं है, बल्कि ताजा दुखद घटना में भी भाजपा ने सर्वप्रथम पीडित परिवारों को आर्थिक सहायता दी. अपनी दहीहांडी का आयोजन रद्द किया. भाजपा के नाम से अब इस वर्ष अमरावती शहर में कहीं कोई दहीहांडी नहीं होगी. इतना ही नहीं, तो बीजेपी सांसद डॉ. अनिल बोंडे और विधायक प्रवीण पोटे पाटिल ने दावा किया कि, शिवसेना ने तो कल बुधवार यहां जांच सिलसिले में आए स्वास्थ्य आयुक्त के मुंह पर कालिख पोतने की साजिश रची थी. उन्हें तो केवल सनसनी मचाना था. वे बार-बार अपने कार्यकर्ताओं से यही कह रही थी कि, ‘काहीतरी खळबळजनक करा.’
उबाठा शिवसेना नेता सुषमा अंधारे बुधवार को अमरावती आई थी. उन्होंने डफरीन अस्पताल दौरा कर तीन बच्चों की दर्दनाक मृत्यु पर दुख जताया और सत्ताधीशों पर निशाना साधा. अपने नेता उद्धव ठाकरे की वाहवाही भी की थी. जिसका प्रत्त्युत्तर देने बीजेपी ने आज दोपहर पत्रकार परिषद ली. सांसद डॉ. बोंडे, विधायक प्रवीण पोटे पाटिल, शहर अध्यक्ष डॉ. नितिन धांडे, पूर्व शहर अध्यक्ष किरण पातुरकर, शिवराय कुलकर्णी, चेतन पवार आदि मौजूद थे. बीजेपी नेताओं ने अंधारे के आरोपों को साफ झुठलाया.
* उडकर आए स्वास्थ्य मंत्री
भाजपा और सरकार के असंवेदनशील होने के आरोप को नकारते हुए डॉ. बोंडे ने बताया कि, दुर्घटना का पता चलते ही राज्य मंत्रिमंडल की बैठक छोडकर स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर विशेष विमान से कुछ ही घंटों में अमरावती पहुंचे और देर शाम तक यहां उन्होंने सारी व्यवस्थाएं देखी. उन्हें ठीक करने के निर्देश दिए.
* पालकमंत्री लगातार संपर्क में
प्रवीण पोटे पाटिल ने बताया कि, पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने अपने नियोजित कार्यक्रम दरकिनार कर लगातार टेलिफोन और अन्य माध्यमों से अमरावती में उनसे, जिलाधीश आशीष शेरेकर से, सीएस डॉ. विनोद पवार से लगातार अपडेट लिया, उन्हें उचित निर्देश दिए. पूरे समय वे टच में थे. तत्परता से जांच समिति गठित की गई. उससे भी पूर्व शिशुओं की सुरक्षा का ध्यान रखकर पहले उनके सुरक्षित ट्रांसफर और पर्यायी उपचार का प्रबंध सुनिश्चित किया.
* उडाई उद्धव ठाकरे की धज्जियां
जिले के पालकमंत्री रह चुके प्रवीण पोटे पाटिल ने कोरोनाकाल में उद्धव ठाकरे के घर में बैठे रहने का दावा कर सुषमा अंधारे के दावों की धज्जियां उडा दी. उन्होंने देवेंद्र फडणवीस की प्रशंसा करते हुए कहा कि, उस समय फडणवीस नेता प्रतिपक्ष थे. पैरों में चक्कर लगाए जैसे समस्त राज्य में घूम रहे थे. लोगों के लिए अनाज, दवाएं, स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने नेता प्रतिपक्ष के रुप में देवेंद्र फडणवीस प्रयासशील थे. प्रदेश के सभी 36 जिलों में वे घूमे. जबकि सीएम रहे उद्धव ठाकरे घर में दुबके बैठे थे. प्रवीण पोटे ने दावा किया कि, खुद उन्हें अमरावती में गैस शव दाहिनी का इंतजाम करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का फोन आया था. फडणवीस ने जान की परवाह किए बगैर कोरोनाग्रस्त शवों के प्रॉपर अंतिम संस्कार का भी प्रबंध अनेक जगहों पर करवाया.
* एक को भी नहीं छोडेंगे
डॉ. बोंडे और प्रवीण पोटे पाटिल ने डफरीन हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और दावा किया कि, वे दोनों और बीजेपी के अन्य सभी पांच विधायक इस मामले में दोषियों पर कार्रवाई होने तक चैन से नहीं बैठेंगे, एक को भी नहीं छोडेंगे. दोषी लोनिवि है या स्वास्थ्य विभाग. कोई बख्शा नहीं जाएगा.
* नर्सेस को मिलेगा बहादुरी का अवॉर्ड
प्रवीण पोटे पाटिल ने कहा कि, डफरीन एनआईसीयू में भयंकर अग्निकांड के बाद 30 से अधिक बच्चों की प्राणों की रक्षा करने जान की बाजी लगानेवाली नर्सेस ललिता कास्देकर, सुरेखा धनगड, कीर्ति गणवीर, परिचालक आकाश चौहान को शौर्य पुरस्कार दिए जाने का अनुरोध मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से किया जाएगा. उन्होंने मृत बच्चों के परिजनों को एक-एक लाख सानुग्रह राशि भाजपा कार्यकर्ताओं की जेब से एक-एक रुपए जमा कर दिए गए हैं. उसी प्रकार घायल बच्चों के परिजनों को भी 50-50 हजार रुपए भाजपा ने अपनी दहीहांडी रद्द कर उसकी राशि में से दिए. उसी प्रकार अब शहर भाजपा की कोई दहीहांडी नहीं होगी. भाजपा नेताओं ने नाम लिए बगैर कहा कि, अन्य कोई दहीहांडी के आयोजन में भाजपा का बैनर या पोस्टर नहीं लगाने की अपील वे करते हैं. ऐसा होने पर कोई एक्शन लिए जाने के सवाल को स्थानीय भाजपा नेताओं ने टाल दिया. उनका संकेत 6 सितंबर को बडनेरा रोड पर नवाथे प्लॉट में आयोजित विधायक रवि राणा के वायएसपी की पारंपरिक दहीहांडी को लेकर रहा. जिसमें बीजेपी नेत्री नवनीत राणा सहभागी होंगी.

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