धारणी उप-जिला अस्पताल में 30 बच्चों के इलाज की सुविधा
मार्च 2027 तक फायर ऑडिट वैध, एसएनसीयू में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान

धारणी/दि.27- अमरावती जिला सामान्य अस्पताल के एसएनसीयू में वेंटिलेटर फटने से तीन नवजात बच्चों की मौत की घटना के बाद अस्पतालों में नवजातों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. इसी पृष्ठभूमि पर सर्वेक्षण में धारणी के उप-जिला अस्पताल की एसएनसीयू व्यवस्था संतोषजनक पाई गई.
धारणी उप-जिला अस्पताल में नवजात बच्चों के उपचार के लिए 15 एसएनसीयू यूनिट उपलब्ध हैं, जबकि कम वजन और अधिक देखभाल की जरूरत वाले बच्चों के लिए एक यूनिट में दो बच्चों को रखने की व्यवस्था भी है. मंगलवार दोपहर 3 बजे तक अस्पताल में कुल 17 बच्चे भर्ती थे. अस्पताल में बच्चों के लिए लगभग 30 बच्चों के उपचार की क्षमता उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है.
* मार्च 2027 तक फायर ऑडिट वैध
अस्पताल का फायर ऑडिट मार्च 2026 में किया गया था, जिसकी वैधता मार्च 2027 तक है. अस्पताल प्रशासन की ओर से आग बुझाने की व्यवस्था, अग्निसुरक्षा उपकरण और आपात स्थिति में नवजात बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने जैसे उपायों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. चिकित्सा अधीक्षक एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दयाराम जावरकर तथा डॉ. शैलेश जिराफे के मार्गदर्शन में अधिकारी और कर्मचारी सुरक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी कर रहे हैं. संबंधित अधिकारियों को भी आवश्यक सुरक्षा उपाय तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
* बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं
धारणी नगर पंचायत के ग्रुप लीडर पंकज मोरे ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सभी की पहली जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. डॉ. दयाराम जावरकर ने बताया कि अस्पताल के एसएनसीयू में बच्चों के लिए आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं और नर्सिंग स्टाफ की टीम लगातार उनकी देखभाल कर रही है. उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है.





