नेपाल की भीषण बाढ़ से बाल-बाल बचीं अमरावती की दो महिलाएं

नीता कक्कड़ और कुमुद महेंद्र ने परिजनों को दी सकुशल होने की सूचना

* 22 को नागपुर से 73 सदस्यीय यात्री दल के साथ हुई थी नेपाल व चीन की यात्रा पर
* प्रलयंकारी बाढ आने से मात्र 8 घंटे पहले नेपाल छोड चुका था यात्री दल
* चीन के सागा पहुंचे सभी पर्यटक, कैलाश मानसरोवर यात्रा पर आगे बढ़े
* सभी 73 यात्रियों की 4 सितंबर को स्वदेश वापसी की संभावना, परिवार ने ली राहत की सांस
अमरावती/दि.27 – नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन की खबरों के बीच अमरावती के लिए राहत भरी सूचना सामने आई है. कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गईं अमरावती की नीता बकुल कक्कड़ और कुमुद उमेश महेंद्र पूरी तरह सुरक्षित हैं. दोनों महिलाएं महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से शामिल 73 महिला एवं पुरुष यात्रियों के दल के साथ वर्तमान में चीन की सीमा में स्थित सागा क्षेत्र तक पहुंच चुकी हैं और जल्द ही उनकी कैलाश मानसरोवर की पैदल यात्रा प्रारंभ होने वाली है.
इस संदर्भ में अमरावती निवासी प्रतिष्ठित नागरिक व व्यवसायी बकुलभाई कक्कड द्वारा दैनिक अमरावती मंडल को विशेष तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार, यात्रियों का यह दल नेपाल में आई भीषण बाढ़ की चपेट में आने से मात्र कुछ घंटों के अंतर से बच गया. बताया गया है कि जिस क्षेत्र में बाद में बाढ़ और तबाही का तांडव देखने को मिला, वहां से यात्री दल लगभग आठ घंटे पहले ही आगे की यात्रा के लिए रवाना हो चुका था.
* 22 अगस्त को नागपुर से शुरू हुई यात्रा
जानकारी के अनुसार, 73 यात्रियों का यह दल 22 अगस्त को नागपुर से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना हुआ था. लगभग डेढ़ दिन की यात्रा के बाद दल नेपाल पहुंचा, जहां यात्रियों ने कुछ समय विश्राम किया और स्थानीय पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण किया. नेपाल प्रवास के दौरान यात्रियों ने राजधानी काठमांडू सहित कई प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थलों का दौरा किया. पहाड़ी क्षेत्रों के प्राकृतिक और विहंगम दृश्यों का आनंद लेते हुए यात्रियों ने नेपाल की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को भी करीब से देखा.
* अभिनेत्री मनिषा कोइराला से भी हुई मुलाकात
यात्रा के दौरान दल की मुलाकात प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री और नेपाल की चर्चित हस्ती मनिषा कोइराला से भी हुई. इस मुलाकात ने यात्रियों के उत्साह को और बढ़ा दिया. काठमांडू में हुए इस विशेष संवाद की चर्चा अब यात्रियों और उनके परिजनों के बीच भी हो रही है.
* बाढ़ से कुछ घंटे पहले आगे बढ़ गया था दल
नेपाल में हाल ही में आई महाप्रलयंकारी बाढ़ और भूस्खलन ने कई क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. ऐसे में जब कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए यात्रियों के बारे में चिंताएं बढ़ने लगीं, तब यह जानकारी सामने आई कि उनका दल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से काफी पहले निकल चुका था. बताया जा रहा है कि यात्रियों के आगे बढ़ने के लगभग आठ घंटे बाद नेपाल के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई. यदि यात्रा कार्यक्रम में थोड़ी भी देरी होती तो दल के सदस्य भी प्राकृतिक आपदा में फंस सकते थे.
* चीन की सीमा में स्थित सागा पहुंचा जत्था
वर्तमान में 73 यात्रियों का समूह चीन की सीमा में स्थित सागा क्षेत्र तक पहुंच चुका है. यहां से आगे कैलाश मानसरोवर यात्रा का महत्वपूर्ण चरण शुरू होगा. इस जत्थे में शामिल यात्रियों ने हेलीकॉप्टर सेवा के बजाय पारंपरिक मार्ग को चुना है और वे पहाड़ी रास्तों पर ट्रैकिंग करते हुए मानसरोवर तक पहुंचेंगे. यात्रा आयोजकों के अनुसार, मौसम अनुकूल रहा तो आने वाले दिनों में यात्रियों का दल कैलाश पर्वत और मानसरोवर सरोवर के दर्शन करेगा. इसके बाद वापसी यात्रा प्रारंभ की जाएगी.
* परिजनों को मिली राहत
नेपाल में आई बाढ़ की खबरों के बाद अमरावती में दोनों महिला यात्रियों के परिवारों की चिंता बढ़ गई थी. हालांकि, नीता कक्कड़ और कुमुद महेंद्र ने अपने परिजनों से संपर्क कर स्वयं के सुरक्षित होने की जानकारी दी, जिससे परिवारों ने राहत की सांस ली. नीता कक्कड़ के पति बकुलभाई कक्कड़ ने बताया कि पूरा दल सुरक्षित है और यात्रा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि यात्रियों ने फोन और अन्य माध्यमों से परिवारों को अपनी कुशलक्षेम की जानकारी दी है.
* 4 सितंबर को होगी घर वापसी
यात्रा कार्यक्रम के अनुसार कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी करने के बाद 73 सदस्यीय दल की 4 सितंबर को भारत वापसी होने की संभावना है. इसके बाद सभी यात्री अपने-अपने गृह नगरों के लिए रवाना होंगे. नेपाल की भीषण बाढ़ के बीच अमरावती की दो महिलाओं सहित 73 यात्रियों का सुरक्षित रहना किसी राहत से कम नहीं माना जा रहा. परिजन अब उनकी सफल यात्रा और सुरक्षित वापसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं.

Back to top button