नेपाल-तिब्बत में फंसे महाराष्ट्र के 147 नागरिक सुरक्षित

नागपुर के 110 नागरिक भी शामिल, वापसी के प्रयास तेज

* कैलास मानसरोवर के 37 श्रद्धालु सागा से काठमांडू रवाना
* खुद सीएम फडणवीस रख रहे नजर, प्रशासन ने वापसी की वैकल्पिक व्यवस्था की
मुंबई/नागपुर/दि.28 – नेपाल में आई बाढ़ और तिब्बत के कुछ हिस्सों में उत्पन्न विपरीत परिस्थितियों के बीच वहां फंसे महाराष्ट्र के यात्रियों को लेकर राहत की खबर है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के कुल 147 नागरिक सुरक्षित हैं. इनमें कैलास मानसरोवर यात्रा से लौट रहे 37 श्रद्धालु तिब्बत के सागा में फंसे थे, जबकि नागपुर जिले से नेपाल गए 110 नागरिक काठमांडू में सुरक्षित हैं. दोनों समूहों की सुरक्षित वापसी के लिए महाराष्ट्र सरकार, जिला प्रशासन तथा केंद्र के विदेश मंत्रालय की ओर से समन्वय किया जा रहा है.
* सागा में फंसे 37 श्रद्धालु काठमांडू के लिए रवाना
कैलास मानसरोवर यात्रा पूरी कर लौट रहे महाराष्ट्र के 37 श्रद्धालु तिब्बत के सागा क्षेत्र में फंस गए थे. शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे सभी श्रद्धालु न्यालम चेकपोस्ट के रास्ते काठमांडू के लिए रवाना हो गए. उनके काठमांडू से 29 अगस्त को दोपहर 2 बजे निर्धारित विमान से भारत लौटने की योजना है. ऐसे में समय पर काठमांडू पहुंचना उनके लिए महत्वपूर्ण है. इन श्रद्धालुओं में ठाणे, पुणे, अलिबाग, रायगढ़ और डोंबिवली क्षेत्र के नागरिक शामिल हैं. वे जय गिरनारी ट्रस्ट, अलिबाग के प्रमोद केणे के साथ कैलास मानसरोवर यात्रा पर गए थे. यात्रा पूरी करने के बाद वापसी के दौरान प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण उन्हें सागा में रुकना पड़ा था.
* सीएम फडणवीस के हस्तक्षेप के बाद रास्ता साफ
सागा में महाराष्ट्र के श्रद्धालुओं के फंसे होने की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया. महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय से संपर्क कर आवश्यक सहयोग मांगा. इसके बाद संबंधित स्तर पर समन्वय कर श्रद्धालुओं को काठमांडू की ओर रवाना करने की व्यवस्था की गई. श्रद्धालुओं की स्थिति की जानकारी समूह के नितीन शिर्के और राकेश जितेकर ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंचाई थी. प्रशासनिक स्तर पर हुए प्रयासों के बाद अब श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी की उम्मीद बढ़ी है. संकट की स्थिति में मदद मिलने पर श्रद्धालुओं और उनके परिजनों ने मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र सरकार तथा विदेश मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त किया है.
* नागपुर के 110 नागरिक काठमांडू में सुरक्षित
इधर, नागपुर जिले से 22 अगस्त को पर्यटन और धार्मिक यात्रा के लिए नेपाल गए 110 नागरिक भी सुरक्षित हैं. राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, इस समूह में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं. ये नागरिक श्री स्वामी महाराज के समूह के साथ नेपाल गए थे. नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ का इस समूह के नागरिकों पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ा है. फिलहाल सभी नागरिक काठमांडू स्थित माहेश्वरी समाज में सुरक्षित हैं. नागपुर जिला प्रशासन लगातार उनसे संपर्क में है और नेपाल प्रशासन की ओर से भी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
* बस की जगह वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था
नागपुर के नागरिकों की वापसी के लिए पहले निर्धारित बस व्यवस्था के स्थान पर नेपाल प्रशासन के सहयोग से वैकल्पिक बसों की व्यवस्था की गई. योजना के अनुसार समूह को 27 अगस्त को काठमांडू से जनकपुर और नेपाल-भारत सीमा की ओर रवाना किया गया. इसके बाद भारत में प्रवेश कर पटना पहुंचने और वहां से रेल मार्ग से नागपुर लौटने की व्यवस्था की गई है. प्रशासन ने नागरिकों के परिजनों से भी संपर्क बनाए रखा है.
* नेपाल में बाढ़ से चिंता बढ़ी
नेपाल में हाल में आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है. इससे वहां पर्यटन और धार्मिक यात्राओं पर गए भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी को लेकर चिंता बढ़ गई थी. सड़क मार्ग और परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने के कारण कई यात्रियों को अपने निर्धारित कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ा. महाराष्ट्र सरकार और स्थानीय प्रशासन की ओर से नेपाल में मौजूद नागरिकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए आवश्यकतानुसार केंद्र और नेपाल प्रशासन के साथ समन्वय जारी रहेगा.

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