गणेश गायत्री मंदिर में गूंजे वैदिक मंत्र, गौड़ ब्राह्मण समाज ने किया सामूहिक श्रावणी पूजन
यज्ञोपवीत परिवर्तन के साथ ऋषि परंपरा का स्मरण, संस्कार और संस्कृति संरक्षण का लिया संकल्प

अमरावती /दि.1– गणेश कॉलोनी स्थित ब्रम्हगढ़ के गणेश गायत्री मंदिर में शनिवार को गौड़ ब्राह्मण सभा के तत्वावधान में सामूहिक श्रावणी पूजन का भव्य आयोजन किया गया. वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के बीच बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने श्रावणी उपाकर्म में सहभागिता निभाई. कार्यक्रम गौड़ ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष नितेश पाण्डेय के नेतृत्व में संपन्न हुआ.
सामूहिक श्रावणी पूजन का विधिवत आयोजन शहर के सुप्रसिद्ध पंडित करण शर्मा, पंडित अभिषेक तिवारी (कथा वाचक) एवं श्याम दीक्षित (पंडित चांगापुर हनुमान मंदिर) के हस्ते कराया गया. इस दौरान समाजजनों ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर यज्ञोपवीत परिवर्तन किया तथा सुख-समृद्धि एवं परिवार की मंगलकामना की.
* श्रावणी उपाकर्म आत्मशुद्धि और संस्कार का पर्व
कार्यक्रम में विजयजी उपाध्याय ने श्रावणी पूजन के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रावणी उपाकर्म ब्राह्मण समाज की प्राचीन वैदिक परंपरा है. यह पर्व केवल यज्ञोपवीत परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मशुद्धि, मन की पवित्रता और जीवन में धर्म एवं सदाचार अपनाने का संकल्प लेने का अवसर है. उन्होंने कहा कि इस दिन ऋषि-मुनियों, देवताओं और पितरों का स्मरण कर उनके प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त की जाती है. यज्ञोपवीत व्यक्ति को उसके धार्मिक, सामाजिक एवं नैतिक कर्तव्यों का निरंतर स्मरण कराता है. डॉ. ओमप्रकाश दिक्षित ने कहा कि नई पीढ़ी तक पहुंचाएं सनातन संस्कार बदलते समय में ऐसे आयोजनों का महत्व और बढ़ जाता है. श्रावणी पूजन हमारी वैदिक परंपरा, संस्कार और संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने का सशक्त माध्यम है. उन्होंने समाजजनों से आह्वान किया कि वे बच्चों और युवाओं को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ें, ताकि सनातन संस्कारों की यह विरासत निरंतर आगे बढ़ती रहे.
* समाज की एकजुटता का दिखा संदेश
सामूहिक आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की. धार्मिक अनुष्ठान के साथ कार्यक्रम मे हनुमानदासजी मानका ने समाज में एकता, आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक चेतना का संदेश भी दिया. अंत में उपस्थित समाजजनों ने सनातन वैदिक परंपराओं के संरक्षण एवं उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प लिया. कार्यक्रम में डॉ. ओमप्रकाशजी शर्मा (दीक्षित), हनुमानदासजी मानका, विजयजी तिवारी, शिवानंदजी मिश्रा, उमेशजी चौबे, विजयजी शर्मा, राजेशजी शर्मा, वीरेंद्रजी शर्मा, जितेंद्रजी शर्मा, संजय दीक्षित, राजेंद्रजी मरवाल, विनोदजी लाटा, मयंक लाटा, धर्मेंद्रजी हरितवाल, अभिषेक उपाध्याय, स्वराजजी दीक्षित एवं विजयपालजी शर्मा सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे.





