मृत डॉक्टरों के हस्ताक्षर से चल रही पैथॉलॉजी लैब
उच्च न्यायालय ने लिया संज्ञान

* राज्य शासन को नोटिस, 15 को सुनवाई
नागपुर/दि.2 – बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने एक याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए राज्य शासन को नोटिस देकर जवाब मांगा है. याचिका में दावा किया गया था कि, प्रदेश में पैथॉलॉजी लैब गंभीर अनियमितताओं के साथ चलाई जा रही है. न्या. अनिल किलोर और न्या. रजनीश व्यास ने दिगंबर हरीभाऊ पचगाडे की अपराधिक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उपरोक्त नोटिस जारी की है.
मेडिको लीगल सोसायटी के संस्थापक सदस्य डॉ. राजीव जोशी ने इस याचिका में दखल की अनुमति मांगी है. उन्होंने अनेक चिकित्सकों और समाचार पत्रों की खबरों को कोर्ट के सामने रखा. डॉ. जोशी ने मुद्दा रखा कि, पैथॉलॉजी रिपोर्ट पर कथित रुप से उन डॉक्टरों द्वारा हस्ताक्षर किए जा रहे हैं. जिनकी मृत्यु बरसों पहले हो गई है. उन्होंने कल्याण, आंबीवली, डोंबीवली में संचालित प्रयोग शालाओं की रिपोर्ट को भी इंगीत किया. तेलंगाना में भी इस प्रकार के मामले चलने का दावा किया गया है.
डॉ. जोशी ने कहा कि, यह बडा गंभीर विषय है. रुग्ण की स्वास्थ्य से सीधे रुप से जुडा है. उन्होंने आरोप लगाया कि, इस प्रकार की प्रयोग शालाओं पर सरकार कार्रवाई करने और अंकुश लगाने में विफल रही है.
डॉ. जोशी ने प्रस्तावित महाराष्ट्र चिकित्सा प्रतिष्ठान (पंजीयन और नियमन) कानून 2026 को लेकर भी चिंताए जताई है. विधान मंडल के दोनों सदनों में यह बिल प्रस्तुत कर दिया गया है. 21 सदस्यीय समिति विधेयक के प्रारुप पर चर्चा कर रही है. उच्च न्यायालय ने डॉ. जोशी की दखल को मंजूर किया है. सरकार को नोटिस जारी कर आगामी 15 सितंबर तक जवाब मांगा है. 15 सितंबर को अगली सुनवाई होगी.





