जन्म-मृत्यु दाखलों के लिए नागरिकों की धक्के खाने की नौबत
आयुक्त, जिलाधिकारी, महापौर व जिला परिषद को ज्ञापन

* प्रहार संगठन ने दिया 8 दिन का अल्टीमेटम
अमरावती/दि.2 – जन्म-मृत्यु की नोंद उपलब्ध होने के बावजूद नागरिकों को संबंधित प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. इस गंभीर समस्या को लेकर संतप्त नागरिकों और प्रहार संगठन की ओर से बुधवार को अमरावती मनपा आयुक्त, जिलाधिकारी, महापौर तथा जिला परिषद प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया.
ज्ञापन में कहा गया कि जन्म एवं मृत्यु की नोंद पहले से उपलब्ध होने के बावजूद प्रमाणपत्र जारी करने में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है. इसके चलते नागरिकों को बार-बार संबंधित कार्यालयों में जाना पड़ रहा है. इससे आम नागरिकों को मानसिक, आर्थिक और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. प्रहार संगठन ने मांग की कि जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए. नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए तत्काल प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए. विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और जरूरतमंद नागरिकों को प्रमाणपत्र के लिए बार-बार कार्यालय आने की परेशानी से राहत देने की मांग की गई. प्रहार संगठन के रोशन देशमुख ने कहा कि जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र नागरिकों का महत्वपूर्ण अधिकार है. प्रशासन को प्रमाणपत्र जारी करने में हो रही देरी तत्काल रोककर आवश्यक उपाय करने चाहिए.
* 8 दिन का अल्टीमेटम
ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को 8 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है. इस अवधि में नागरिकों की समस्याओं का समाधान नहीं होने पर प्रहार संगठन की ओर से नागरिकों के अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से तीव्र आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी गई है. ज्ञापन सौंपते समय प्रहार के रोशन देशमुख, अमोल बोचरे, सुनील राऊत, विनायक मंजलवार, राजेश कडू, वैकुंठ तायवाडे, रितेश शर्मा, अमोल कावलकर, सौरभ नवाथे, सचिन मानेकर, वैभव गावंडे, पवन तायडे, प्रवीण कडू और हृदय यादव सहित नागरिक उपस्थित थे.





