अमरावती सेंट्रल जेल में ‘नशे की गेंद’ से सनसनी
87 ग्राम संदिग्ध पदार्थ फेंका

* बैरक नंबर-7 की छत पर बाहर से फेंकी गई थी संदिग्ध गेंद
* जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, अज्ञात आरोपियों की तलाश तेज
अमरावती/दि.4 – अमरावती सेंट्रल जेल जैसे कड़े सुरक्षा घेरे वाले परिसर में बाहर से गांजा जैसा हरा पदार्थ फेंके जाने की घटना से जेल प्रशासन में खलबली मच गई. बैरक नंबर-7 की छत पर फेंकी गई संदिग्ध वस्तु बाद में बैरक के पीछे खुले परिसर में मिली. काले और सफेद चिपकने वाले टेप में लिपटी इस वस्तु के भीतर करीब 87 ग्राम हरा पदार्थ पाया गया, जिसे पुलिस ने जब्त कर सील कर दिया है.
* सुबह-सुबह जेल स्टाफ को मिली संदिग्ध वस्तु की खबर
3 सितंबर 2026 की सुबह जेल कर्मचारियों को जानकारी मिली कि अमरावती सेंट्रल जेल के बैरक नंबर-7 की छत पर बाहर से कोई संदिग्ध वस्तु फेंकी गई है. सूचना मिलते ही जेल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए परिसर में तलाशी अभियान शुरू किया. बैरक नंबर-7 के पीछे खुले स्थान की तलाशी के दौरान काले और सफेद टेप से लिपटी एक संदिग्ध गेंदनुमा वस्तु बरामद हुई. इसकी सूचना पुलिस को दी गई.
* पुलिस और फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में जांच
पुलिस टीम, फोरेंसिक टीम और अधिकारियों की मौजूदगी में संदिग्ध वस्तु की जांच की गई. जांच के दौरान उसके भीतर गांजा जैसा दिखाई देने वाला हरा पदार्थ बरामद हुआ. पदार्थ का वजन करीब 87 ग्राम बताया गया है. पंचनामा तैयार करने के बाद संदिग्ध पदार्थ को विधिवत जब्त कर सील कर दिया गया. अब यह सवाल गंभीर बना हुआ है कि जेल जैसे अत्यधिक संवेदनशील और सुरक्षित परिसर में यह पदार्थ आखिर पहुंचा कैसे.
* जेल में नशे की ‘गेंद’ किसने और क्यों फेंकी?
इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. बाहर से जेल परिसर में संदिग्ध पदार्थ फेंकने वाला कौन था? उसने इतनी सटीक तरीके से गेंदनुमा पैकेट बैरक की छत तक कैसे पहुंचाया? इसके पीछे मकसद क्या था? क्या जेल के भीतर किसी कैदी तक यह पदार्थ पहुंचाने की कोशिश थी? और क्या इस पूरे मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है? इन तमाम सवालों के जवाब अब पुलिस जांच में तलाशे जा रहे हैं.
* अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मामला
जेल के पुलिस जवान शिवशंकर मधुकर रानमले की शिकायत पर फ्रेजरपुरा पुलिस थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(सी), 20(ब)(आईआई)(ए) और 22(सी) के तहत मामला दर्ज किया गया है. फ्रेजरपुरा पुलिस ने जांच तेज करते हुए जेल परिसर और आसपास के क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है. इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है.
* सुरक्षा घेरे के बीच ‘नशे की सप्लाई’ की कोशिश ने बढ़ाई चिंता
अमरावती सेंट्रल जेल में बाहर से नशीला पदार्थ पहुंचाने की कथित कोशिश ने सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. जेल परिसर में प्रवेश और बाहर से होने वाली गतिविधियों पर कड़ी निगरानी के बावजूद संदिग्ध पैकेट का बैरक तक पहुंचना जांच का महत्वपूर्ण बिंदु बन गया है. फिलहाल पुलिस मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है. संदिग्ध पदार्थ जेल में किसने पहुंचाया, किसके लिए पहुंचाया और इसके पीछे कौन-सा नेटवर्क सक्रिय है, इसका खुलासा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा.





