एमपीएससी के सभी पदाधिकारी त्यागपत्र दें

स्पर्धा परीक्षा के विद्यार्थियों का जोरदार मोर्चा

* पेपर लीक से बार-बार एक्झाम हो रहे रद्द
* अमरावती में सैकडों परीक्षार्थी सडकों पर
अमरावती /दि.4- राज्य सेवा चयन आयोग (एमपीएससी) के औषध निरीक्षक चयन परीक्षा के पर्चे लीक होने की पुष्टि होने उपरांत राज्य में परीक्षार्थी बडे खफा हो गए हैं. अमरावती में सैकडों परीक्षार्थियों ने आज सडकों पर उतरकर जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन किया. जिलाधीश को सरकार के नाम सौंपे निवेदन में विद्यार्थी कृति समिति ने एमपीएससी के सभी अधिकारियों को हटाने अथवा उनका त्यागपत्र लेने की जोरदार मांग रखी. उन्होंने कोरोना महामारी पश्चात हुई सभी एक्झाम रद्द करने और उनकी सघन तहकीकात करने की भी मांग उठाई है.
यह आंदोलन पराग देशमुख, सुजय शेलके, मिलिंद लाहे, सुयोग राजनेकर, स्नेहा मेटकर, पंकज वैद्य, भारत खातरकर, अविनाश पट्टेवार, सायली इंगले, योगिता सोजाडे, साक्षी भगत, शिल्पा मेश्राम आदि के नेतृत्व में किया गया. सैकडों की संख्या में परीक्षार्थी बडे जोश के साथ शामिल हुए थे. झेन-जी के आंदोलन का एहसास इस प्रदर्शन से हुआ.
* पारदर्शिता और विश्वास
प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक प्रकरण के दोषियों पर तत्काल और कडी कार्रवाई की मांग तो रखी ही. साथ ही उन्होंने राज्य चयन आयोग की पारदर्शिता और विश्वास को पुनर्स्थापित करने का अनुरोध देवेंद्र फडणवीस सरकार से किया. उन्होंने आइंदा एमपीएससी के पर्चे लीक नहीं होंगे, इसकी गारंटी देने और इसके विज्ञापन प्रदर्शित करने की मांग बुलंद की. छात्रों की सैकडों की तादाद से यह स्पष्ट हो गया कि, देशभर की तरह अमरावती में झेन-जी अब सडकों पर उतरकर अपने हक में आवाज उठाने में आगे-पीछे नहीं सोचेगी. बता दें कि, जंतर-मंतर के आंदोलन के बाद देशभर में युवा पीढी अपने अधिकारों को लेकर, सिस्टम सुधार पर जोर देती दिखाई पड रही है. संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने भी झेन-जी की अपेक्षाओं, डिमांड पर ध्यान देने की आवश्यकता प्रतिपादित की है.

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