मां ने किडनी देकर बचाई बेटे की जान

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 77 वां किडनी प्रत्यारोपण सफल

अमरावती/दि.4 – स्थानीय विभागीय संदर्भ सेवा अस्पताल में 77वां किडनी प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया गया. नांदगांव खंडेश्वर तहसील के शेलू कुंड निवासी 20 वर्षीय सार्थक पांडुरंग ढगे पिछले चार महीनों से डायलिसिस पर था. बेटे के भविष्य को देखते हुए उसकी 45 वर्षीय मां ज्योती पांडुरंग ढगे ने अपनी एक किडनी दान करने का निर्णय लिया. मां की किडनी सफलतापूर्वक बेटे को प्रत्यारोपित कर उसे नया जीवन दिया गया.
सार्थक पिछले कुछ महीनों से किडनी संबंधी बीमारी से पीड़ित था और बाहर उपचार चल रहा था. डॉक्टरों ने मरीज और परिजनों को किडनी प्रत्यारोपण की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी. उन्हें यह भी बताया गया कि अमरावती के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध है. इसके बाद परिवार ने यहां उपचार कराने का निर्णय लिया. डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि लंबे समय तक डायलिसिस कराना स्थायी समाधान नहीं है और मरीज की स्थिति को देखते हुए किडनी प्रत्यारोपण बेहतर विकल्प है. बेटे का भविष्य सुरक्षित करने के लिए मां ज्योती ढगे ने अपनी एक किडनी दान करने की सहमति दी. इसके बाद अस्पताल में प्रत्यारोपण की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई. पूरी शल्यक्रिया आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत नि:शुल्क की गई.
* चिकित्सकीय टीम का महत्वपूर्ण योगदान
वैद्यकीय अधीक्षक डॉ. अमोल नरोटे और विशेष कार्य अधिकारी डॉ. मंगेश मेंढे के मार्गदर्शन में नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. हितेश गुल्हाने, यूरो सर्जन डॉ. राहुल पोटोडे, डॉ. विक्रम देशमुख, डॉ. प्रतीक चिरडे, डॉ. विशाल बाहेकर, डॉ. राहुल घुले तथा एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. रोहित हातगावकर, डॉ. बालकृष्ण बागवाले, डॉ. अंजू दामोदर, डॉ. अश्विनी मढावी, डॉ. शीतल सोलंकी, डॉ. विक्रांत कुलमेथे और डॉ. माधव ढोपरे सहित चिकित्सकीय टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके अलावा डॉ. जयश्री पुसदेकर, डॉ. नाहीद, डॉ. रमणीय, डॉ. उज्ज्वल अभ्यंकर, डॉ. प्रियंका कांबले, डॉ. श्रद्धा जाधव, समाजसेवा अधीक्षक (वैद्यकीय) शीतल बोंडे, ऋषिकेश धस, डॉ. सोनाली चौधरी तथा महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के एमसीओ डॉ. पायल रोकड़े, डॉ. दिव्यानी मुंदाने और कल्याणी गाढवे ने भी सहयोग दिया. अधीसेविका चंदा खोडके और मालती प्रधान के निर्देशानुसार इंचार्ज सिस्टर ज्योति तायडे, सरला राऊत, वैष्णवी निकम, माधुरी सोनटक्के, दीपाली तायवाडे, अक्षय पवार, कीर्ति तायडे, यशोधरा नेवाडे, मयूरी खेरडे, ओम महल्ले, अभिषेक निचत, अनु वडे, योगिश्री पडोले, वैशाली ढोबले, कोमल भालेकर, रुपाली गवई, दीक्षा बेलखेडे, अर्चना मढावी, वैष्णवी टाकरखेडे और नम्रता दामले सहित नर्सिंग स्टाफ ने भी विशेष सहयोग किया.
आहार विशेषज्ञ कविता देशमुख, रश्मिता दिघडे, श्रीधर ढेंगे तथा औषधि विभाग के योगेश वाडेकर, अमोल वाडेकर, प्रशांत शिरे, शुभम वरघड़े, पंकज बेलुरकर, सुनीता ठाकुर, अविनाश राठोड़, तुषार नारायण, शिवा भोंगाले, गजानन मातकर, रूपेश हरडे, आशिष थुल, आशिष मिश्रा, राहुल चव्हाण, रंजना दिपटे, मंगला भेंडकर, इंदू पाटील, गजानन चौधरी, प्रशांत थेटे और निलेश आत्राम समेत अन्य कर्मचारियों का भी प्रत्यारोपण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान रहा. सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में अब तक 77 सफल किडनी प्रत्यारोपण होना अमरावती सहित आसपास के जिलों और अन्य राज्यों के जरूरतमंद मरीजों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है. मां द्वारा बेटे को किडनी दान कर जीवन देने की यह घटना मानवीय संवेदना और मातृत्व की मिसाल भी बनी है.

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