जुलूस में हाई-पावर लाउडस्पीकर इस्तेमाल

अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को सजा

* पुणे की कोर्ट का बडा फैसला
पुणे/दि.4 – पुणे की कोर्ट ने लोहियानगर में एक संस्था के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और जुलूस हेतु लाउडस्पीकर सिस्टम देने वाले प्रोफेशनल को जुलूस में हाई-पावर लाउडस्पीकर इस्तेमाल करके सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने के लिए सज़ा सुनाई है. लाउडस्पीकर सिस्टम भी ज़ब्त कर लिया गया.
सज़ा पाने वालों के नाम हैं अल मदीना यंग बॉयज़ यंग सर्कल के प्रेसिडेंट वाहिद कासिम मनियार, वाइस-चेयरमैन जावेद मजीद शेख (दोनों लोहियानगर, घोरपड़े पेठ के रहने वाले) और लाउडस्पीकर सिस्टम देने वाले प्रोफेशनल प्रकाश कृष्णत असवाले (सावरदे बुद्रुक, ताल कागल, ज़िला कोल्हापुर के रहने वाले). बताया गया है. पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने 26 अगस्त को ईद-ए-मिलाद के मौके पर निकाले गए जुलूस में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल का आदेश दिया था.
सुप्रीम कोर्ट के लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर दिए गए आदेश का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी. लोहियानगर में अल मदीना यंग बॉयज़ सर्कल द्वारा निकाले गए जुलूस में हाई-पावर लाउडस्पीकर सिस्टम का इस्तेमाल किया गया था. खड़क पुलिस ने बार-बार लाउडस्पीकर सिस्टम की आवाज़ कम करने का निर्देश दिया था. लेकिन, कोर्ट का आदेश न मानने पर खड़क पुलिस ने मंडल के अध्यक्ष और तीन अन्य लोगों के खिलाफ कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने के लिए इंडियन पीनल कोड की धारा 223, 292 के तहत मामला दर्ज किया. केस दर्ज करने के बाद, खड़क पुलिस ने तुरंत 24 घंटे के अंदर संबंधित लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट फाइल कर दी. कोर्ट ने बोर्ड के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के साथ-साथ लाउडस्पीकर सप्लाई करने वाले बिजनेसमैन को दोषी ठहराया और सजा सुनाई, डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस, सर्कल वन, कृषिकेश रावले ने बताया.
पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार, जॉइंट कमिश्नर संजय दराडे, एडिशनल कमिश्नर राजेश बनसोडे, डिप्टी कमिश्नर रावले, सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर धनंजय पिंगले, क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर शर्मिला सुतार, समाधान पवार, असिस्टेंट इंस्पेक्टर अमोल वलसांग, स्वप्निल बनकर, राजाराम गाढवे, भूषण चव्हाण, कल्याण घोरपड़े के गाइडेंस में यह एक्शन लिया गया.

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