विद्यार्थियों को रोज 200 मिली. सुगंधित दूध,

नाश्ते का स्वाद बढ़ाने सामाजिक न्याय विभाग का निर्णय

* शासकीय छात्रावासों और आवासीय स्कूलों के विद्यार्थियों को टेट्रापैक में मिलेगा दूध
अमरावती /दि.10- शासकीय छात्रावासों और आवासीय स्कूलों में रहने वाले विद्यार्थियों के नाश्ते में अब रोजाना 200 मिली सुगंधित दूध शामिल होगा. सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग ने विद्यार्थियों को टेट्रापैक के माध्यम से दूध उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है. विभाग का मानना है कि इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और पौष्टिक दूध उपलब्ध होगा तथा उनके दैनिक आहार में पोषण का एक और महत्वपूर्ण घटक जुड़ सकेगा.
* रोज मिलेगा 200 मिली सुगंधित दूध
सामाजिक न्याय विभाग के अंतर्गत संचालित शासकीय छात्रावासों और शासकीय आवासीय स्कूलों में रहने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को प्रतिदिन 200 मिली सुगंधित दूध दिया जाएगा. टेट्रापैक में दूध उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को निर्धारित मात्रा में दूध मिल सकेगा और वितरण व्यवस्था भी अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है.
* जिले में 24 छात्रावास, 7 आवासीय स्कूल
अमरावती जिले में सामाजिक न्याय विभाग के अंतर्गत कुल 24 शासकीय छात्रावास संचालित हैं. इनमें करीब 3 हजार विद्यार्थी रहते हैं. इसके अलावा जिले में 7 शासकीय आवासीय स्कूल हैं, जहां करीब 1 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं. इस तरह जिले के लगभग 4 हजार विद्यार्थियों को इस व्यवस्था का लाभ मिलने की संभावना है.
* पौष्टिक आहार में एक और महत्वपूर्ण घटक
विद्यार्थियों को केवल पेट भरने वाला भोजन ही नहीं, बल्कि संतुलित और पौष्टिक आहार मिले, इस उद्देश्य से भोजन में विभिन्न पौष्टिक पदार्थों को शामिल किया जा रहा है. इसी क्रम में अब दूध को भी दैनिक आहार का हिस्सा बनाया गया है. दूध में मौजूद पोषक तत्व विद्यार्थियों के शारीरिक विकास और दैनिक पोषण की जरूरतों को पूरा करने में सहायक हो सकते हैं. खासकर छात्रावासों और आवासीय स्कूलों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए नियमित दूध उपलब्ध कराने की व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
* टेट्रापैक से मिलावट की आशंका होगी कम
पहले स्थानीय स्तर पर विद्यार्थियों को चीनी मिलाकर दूध उपलब्ध कराने की व्यवस्था थी. खुले दूध की खरीद, उसकी ढुलाई, रख-रखाव और वितरण के दौरान स्वच्छता एवं गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ सकते थे. अब टेट्रापैक में सुगंधित दूध उपलब्ध कराया जाएगा. टेट्रापैक पैकिंग के कारण खुले दूध की तरह बार-बार उसकी हैंडलिंग और भंडारण की जरूरत कम होगी. इससे दूध में मिलावट की आशंका को भी कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है.
* एक टेट्रापैक की कीमत 26.40 रुपये
विद्यार्थियों को दिए जाने वाले 200 मिली के एक टेट्रापैक के लिए 26.40 रुपये की दर निर्धारित की गई है. प्रतिदिन विद्यार्थियों को दूध उपलब्ध कराने का खर्च सामाजिक न्याय विभाग की ओर से किया जाएगा.
* पुरानी व्यवस्था होगी बंद
अब तक विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर चीनी मिलाकर दूध उपलब्ध कराने की व्यवस्था थी. टेट्रापैक में सुगंधित दूध उपलब्ध होने के बाद पुरानी व्यवस्था बंद कर दी जाएगी. नई व्यवस्था के तहत पैक्ड दूध सीधे निर्धारित मात्रा में विद्यार्थियों को उपलब्ध कराया जाएगा. विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और पौष्टिक आहार मिले, यही इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य है. टेट्रापैक के माध्यम से दूध देने से निश्चित मात्रा में दूध उपलब्ध होगा और वितरण व्यवस्था भी अधिक व्यवस्थित होगी.
– राजेंद्र जाधवर,
सहायक आयुक्त,
समाज कल्याण विभाग, अमरावती

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