गणेशोत्सव पर शहर में रहेगा तगडा पुलिस बंदोबस्त

सीपी राकेश ओला ने पर्व की तैयारियों को लेकर पत्रवार्ता में दी जानकारी

* 135 अधिकारी संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था, 1800 जवान रहेंगे तैनात
* होमगार्ड व एसआरपीएफ की कंपनियां भी लगाई जाएंगी बंदोबस्त में
* पर्व से पहले 1800 लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की तैयारी
* 53 को तड़ीपार करने की प्रक्रिया शुरू, 150 किए जाएंगे अस्थायी तडीपार
अमरावती /दि.10 – गणेशोत्सव के दौरान शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अमरावती शहर पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है. आज शहर पुलिस आयुक्तालय के मीटिंग हॉल में आयोजित पत्रकार परिषद में पुलिस आयुक्त राकेश ओला ने बताया कि गणेशोत्सव के लिए शहर पुलिस पूरी तरह तैयार है. सुरक्षा व्यवस्था में 135 पुलिस अधिकारी और करीब 1800 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे. इसके अलावा होमगार्ड और एसआरपीएफ के जवान भी बंदोबस्त में शामिल किए जाएंगे. पत्रकार परिषद में डीसीपी यशवंत सोलंके, डीसीपी श्याम घुगे और डीसीपी प्रांजली सोनवणे भी उपस्थित थीं.
इस पत्रवार्ता में पुलिस आयुक्त राकेश ओला ने बताया कि, गणेशोत्सव के दौरान शांति भंग करने की आशंका वाले लोगों पर पहले से ही प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा रही है. करीब 1800 लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की योजना तैयार की गई है. इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 126, 128 और 129 के तहत कार्रवाई शामिल है. पुलिस का उद्देश्य गणेशोत्सव के दौरान किसी भी तरह के विवाद, मारपीट अथवा कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने से पहले ही संभावित उपद्रवियों पर कार्रवाई करना है.
इसके साथ ही शहर में कानून-व्यवस्था के लिए खतरा माने जाने वाले लोगों के खिलाफ तड़ीपार की कार्रवाई भी की जा रही है. पुलिस आयुक्त राकेश ओला के अनुसार, 53 लोगों को तड़ीपार करने की प्रक्रिया चल रही है. इनमें कुछ लोगों को पहले ही तड़ीपार किया जा चुका है, जबकि अन्य के खिलाफ प्रक्रिया जारी है. इसके अलावा आने वाले दिनों में कुछ समय के लिए तड़ीपार किए जाने वाले लोगों की करीब 150 लोगों की सूची भी तैयार की गई है. पुलिस प्रशासन का कहना है कि त्योहार के दौरान संवेदनशील लोगों पर विशेष नजर रखी जाएगी. इस पत्रवार्ता में पुलिस आयुक्त राकेश ओला ने यह भी बताया कि, शहर पुलिस द्वारा इस वर्ष अब तक सात लोगों के खिलाफ एमपीडीए के तहत कार्रवाई की जा चुकी है. गणेशोत्सव के दौरान भी आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर कड़ी नजर रखी जाएगी.
गणेशोत्सव में डीजे को लेकर पत्रवार्ता में पुलिस आयुक्त राकेश ओला ने स्पष्ट किया है कि, ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य होगा. न्यायालय द्वारा निर्धारित ध्वनि सीमा और अन्य मर्यादाओं का उल्लंघन नहीं किया जा सकेगा. विशेष रूप से लेजर लाइट पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. रात के समय डीजे को निर्धारित समय पर बंद करना होगा. पुलिस आयुक्त राकेश ओला ने कहा कि, साइलेंट जोन, मार्केट जोन और रिहायशी क्षेत्रों में 55 डेसीबल की ध्वनि सीमा का ध्यान रखना होगा. ध्वनि की जांच के लिए पुलिस के पास आवश्यक ध्वनि मापने वाली मशीनें उपलब्ध हैं. इन मशीनों के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर डीजे और ध्वनि स्तर की जांच की जाएगी. इस विषय को गणेशोत्सव से पहले पुलिस प्रशासन ने शहर के गणेश मंडलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की है. इसके अलावा डीजे संचालकों को भी नियमों और न्यायालय द्वारा निर्धारित मर्यादाओं की जानकारी दी गई है. पुलिस ने मंडलों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से उत्सव मनाने की अपील की है.
* ‘एक मंडल, एक पुलिसकर्मी’ योजना
गणेशोत्सव के दौरान मंडलों और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय के लिए ‘एक मंडल, एक पुलिस अमलदार’ योजना लागू की जाएगी. इसके तहत प्रत्येक गणेश मंडल के साथ एक पुलिसकर्मी को जोड़ा जाएगा, जो मंडल से संबंधित जानकारी और स्थानीय स्थिति पर नजर रखेगा तथा आवश्यकता पड़ने पर पुलिस अधिकारियों तक तत्काल जानकारी पहुंचाएगा.
* 550 सार्वजनिक गणेश मंडल
अमरावती शहर में इस वर्ष करीब 550 सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल हैं. इतनी बड़ी संख्या में मंडलों के चलते पुलिस ने पेट्रोलिंग और बंदोबस्त में भी वृद्धि की है. संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के साथ ही नियमित गश्त बढ़ाई जाएगी. पुलिस आयुक्त राकेश ओला ने नागरिकों से अपील की है कि, गणेशोत्सव के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, विवाद या कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या सामने आने पर तत्काल पुलिस से संपर्क करें. आपात स्थिति में 112 हेल्पलाइन नंबर पर सूचना देने का आह्वान भी किया गया है. पुलिस प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि नागरिकों, गणेश मंडलों और पुलिस के समन्वय से गणेशोत्सव शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न होगा.

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