एयर इंडिया अकादमी को मिले 10 नए विमान

अमरावती के आसमान में उडान को मिले नए पंख

* पाइपर पीए-28 चेरोकी के 21 और विमान जल्द पहुंचेंगे
* आने वाले महीनों में शुरू हो सकती है देश की पहली एयर इंडिया फ्लाइट ट्रेनिंग अकादमी
अमरावती/दि.21- अमरावती में एयर इंडिया की फ्लाइट ट्रेनिंग अकादमी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. एयर इंडिया फ्लाइट ट्रेनिंग अकादमी को 10 नए पाइपर पीए-28 चेरोकी विमान मिल गए हैं. इसके अलावा 21 और विमान जल्द पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है. अमरावती में स्थापित की जा रही यह एयर इंडिया की पहली फ्लाइट ट्रेनिंग अकादमी है. अकादमी के आने वाले महीनों में संचालन शुरू होने की संभावना है. इससे अमरावती देश के विमानन प्रशिक्षण क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर सकता है.
* प्रशिक्षण के लिए आधुनिक विमान
फ्लाइट ट्रेनिंग अकादमी में प्रशिक्षु पायलटों को उड़ान प्रशिक्षण देने के लिए पाइपर पीए-28 चेरोकी विमानों का इस्तेमाल किया जाएगा. पहले चरण में 10 विमान अकादमी को सौंपे गए हैं, जबकि आगामी दिनों में 21 और विमान पहुंचने की उम्मीद है. अकादमी के पूरी तरह से शुरू होने के बाद यहां पायलट प्रशिक्षण की गतिविधियां तेज होने की संभावना है. अमरावती और विदर्भ के लिए इसे विमानन क्षेत्र में नए अवसरों की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है.
बता दे कि, एयर इंडिया अमरावती में दक्षिण एशिया के बड़े फ्लाइंग ट्रेनिंग संगठनों में से एक विकसित कर रही है. कंपनी की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अकादमी के लिए कुल 34 ट्रेनर विमानों का बेड़ा निर्धारित है, जिसमें 31 सिंगल-इंजन पाइपर आर्चर और तीन ट्विन-इंजन डायमंड डीए42 एनजी विमान शामिल हैं. अकादमी का लक्ष्य हर वर्ष 180 कमर्शियल पायलट तैयार करना है.
* अमरावती में तैयार हो रहा 10 एकड़ का प्रशिक्षण केंद्र
महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी के बेलोरा एयरपोर्ट परिसर में करीब 10 एकड़ में एयर इंडिया की फ्लाइंग ट्रेनिंग अकादमी विकसित की गई है. यहां डिजिटल क्लासरूम, ब्रीफिंग रूम, हाईटेक डिस्पैच सेंटर, मेंटेनेंस हैंगर, हॉस्टल और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. अकादमी में एक समय में 180 कैडेट को प्रशिक्षण देने की क्षमता निर्धारित की गई है.
* 200 घंटे की उड़ान ट्रेनिंग
एयर इंडिया की मौजूदा अकादमी जानकारी के अनुसार, कमर्शियल पायलट लाइसेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 200 घंटे की फ्लाइट ट्रेनिंग शामिल है. इसमें 185 घंटे सिंगल-इंजन और 15 घंटे मल्टी-इंजन विमान पर प्रशिक्षण का प्रावधान है. प्रशिक्षण की अनुमानित अवधि 18 महीने बताई गई है.
* 13 विमान पहले ही भारत पहुंच चुके थे
एयर इंडिया ने दिसंबर 2025 में बताया था कि उसके 34 ट्रेनर विमानों में से दो डायमंड डीए42 एनजी विमान अमरावती पहुंच चुके थे, जबकि पाइपर के 13 सिंगल-इंजन विमान भारत भेजे जा चुके थे. अब 10 नए पाइपर विमानों के पहुंचने से अकादमी के विमान बेड़े को और मजबूती मिली है.
* 31 पाइपर विमानों का ऑर्डर
एयर इंडिया ने दिसंबर 2024 में 31 सिंगल-इंजन पाइपर विमानों और तीन ट्विन-इंजन डायमंड विमानों सहित कुल 34 ट्रेनर विमानों का ऑर्डर दिया था. कंपनी ने बताया था कि ये विमान अमरावती में विकसित किए जा रहे फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन में कैडेट पायलटों के प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल होंगे.
* अमरावती बनेगा पायलट प्रशिक्षण का बड़ा केंद्र
एयर इंडिया के अनुसार, अमरावती का यह फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन भारत में किसी एयरलाइन द्वारा संचालित पहला पायलट स्कूल होगा. इसका उद्देश्य एयर इंडिया के लिए प्रशिक्षित पायलटों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ देश में विमानन प्रशिक्षण की क्षमता को मजबूत करना है. कंपनी ने इसे भारत के विमानन क्षेत्र को अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है. अकादमी के पूरी तरह सक्रिय होने के बाद अमरावती में पायलट प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियों के साथ विमानन क्षेत्र की सहायक सेवाओं और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि की संभावना है. महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी ने परियोजना से विमानन क्षेत्र में 3,000 से अधिक रोजगार अवसर पैदा होने का अनुमान व्यक्त किया था. यह संस्थागत अनुमान है, वास्तविक रोजगार संख्या संचालन शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगी.

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