अब ‘पोकरा’ में डिजिटल टोकन से मिलेगी सब्सिडी
16 कृषि घटकों पर मिलेगा अनुदान

* ड्रिप सिंचाई, बकरी पालन और रेशम उद्योग को भी योजना में शामिल किया गया
अमरावती/दि.23- किसानों को कृषि क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं का लाभ देने के लिए पोकरा योजना के तहत अब सब्सिडी वितरण की प्रक्रिया में डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है. किसानों को पात्रता और मंजूरी के बाद सीबीडीसी यानी सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी आधारित डिजिटल टोकन के माध्यम से अधिकृत विक्रेता से संबंधित सामग्री खरीदने की सुविधा दी जा रही है.
इस योजना में किसानों के लिए कुल 16 विभिन्न घटकों को शामिल किया गया है. इनमें ड्रिप सिंचाई, फॉगर/फ्रॉस्ट सिंचाई, खेत तालाब, खेत तालाब लाइनिंग, वर्मी कम्पोस्ट, नाडेप कम्पोस्ट, कुएं का पुनर्भरण, एक्वाकल्चर सीड उत्पादन, बकरी पालन और रेशम उत्पादन जैसी गतिविधियां शामिल हैं.
* ड्रिप सिंचाई पर 75 से 90 प्रतिशत तक अनुदान
ड्रिप और संबंधित सिंचाई व्यवस्था के लिए सामान्य श्रेणी के पात्र किसानों को निर्धारित नियमों के अनुसार 75 से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों के लिए अनुदान की सीमा 90 प्रतिशत तक हो सकती है. खेत तालाब, तालाब की लाइनिंग और जल संरक्षण से जुड़े अन्य घटकों के लिए भी योजना के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
* बकरी पालन में विशेष वर्गों को प्राथमिकता
बकरी पालन घटक में भूमिहीन परिवारों, विधवा, विधुर और तलाकशुदा महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है. इस घटक के लिए पात्र लाभार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुसार 75 प्रतिशत तक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
* रेशम उद्योग को भी बढ़ावा
रेशम उत्पादन के लिए शहतूत के पौधे लगाने, कीटपालन गृह तैयार करने और आवश्यक कीटपालन सामग्री के लिए श्रेणी के अनुसार 75 से 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा.
* डिजिटल टोकन से खरीदारी
योजना की खास बात यह है कि मंजूरी के बाद लाभार्थी को डिजिटल माध्यम से अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा. इसके लिए किसान डीबीटी पोर्टल पर आवेदन करते समय पी-सीबीडीसी विकल्प का चयन कर सकता है. इसके बाद संबंधित डिजिटल रुपया वॉलेट को सक्रिय कर डिजिटल टोकन प्राप्त किया जा सकता है. अनुदान मंजूर होने के बाद किसान अधिकृत विक्रेता के यहां उपलब्ध क्यूआर कोड स्कैन कर डिजिटल टोकन के माध्यम से पात्र सामग्री खरीद सकेगा. इससे सब्सिडी के इस्तेमाल में पारदर्शिता लाने और राशि के निर्धारित उद्देश्य के लिए उपयोग को सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है.
* एक हेक्टेयर तक के किसानों के लिए प्रावधान
योजना के संबंधित घटक में एक हेक्टेयर तक भूमि वाले किसानों के लिए भी विशेष प्रावधान रखा गया है. हालांकि, प्रत्येक घटक के लिए पात्रता, क्षेत्रफल सीमा और अनुदान की राशि अलग-अलग हो सकती है.
* ‘महाविस्टार एआय’ ऐप से कर सकते हैं आवेदन
योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसानों को ‘महाविस्टार एआय’ ऐप अथवा संबंधित आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा. आवेदन और योजना की जानकारी के लिए किसानों से गांव के कृषि सहायक, समूह सहायक अथवा सहायक कृषि अधिकारी से संपर्क करने की अपील कृषि विभाग ने की है.
* किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर जोर
पोकरा योजना के माध्यम से सिंचाई, जल संरक्षण, पशुपालन और रेशम उत्पादन जैसी गतिविधियों को आर्थिक सहायता देकर किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है. डिजिटल टोकन व्यवस्था से अनुदान वितरण और सामग्री खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है.





