’सफाई ठेका बार-बार बंद होना गंभीर, सत्ता पक्ष जिम्मेदारी स्वीकारे
कांग्रेस के शहराध्यक्ष व पार्षद बबलू शेखावत का भाजपा व सहयोगी दलों पर निशाना

* गणेशोत्सव और महालक्ष्मी पर्व के बीच शहर की सफाई व्यवस्था चरमराने का आरोप
अमरावती /दि.22- शहर में सफाई का ठेका बार-बार बंद होने और लगातार दो-तीन दिनों तक सफाई व्यवस्था ठप रहने को कांग्रेस ने गंभीर और शर्मनाक स्थिति बताया है. कांग्रेस के अमरावती शहर जिलाध्यक्ष बबलू शेखावत ने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों के सत्ता में आने के बाद भी शहर की मूलभूत सुविधाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है. गणेशोत्सव और महालक्ष्मी जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों के दौरान शहर में जगह-जगह गंदगी की स्थिति चिंताजनक है.
शेखावत ने कहा कि अमरावतीकरों ने भाजपा और उसके सहयोगी दलों को पूर्ण बहुमत देकर शहर की सत्ता सौंपी है. चुनाव के दौरान ‘स्वच्छ अमरावती, सुंदर अमरावती’ का नारा दिया गया था, लेकिन वर्तमान में सफाई व्यवस्था बार-बार बाधित हो रही है. कभी सफाई ठेका बंद हो जाता है तो कभी कर्मचारियों की हड़ताल के कारण व्यवस्था प्रभावित होती है. इसका सीधा खामियाजा शहर के नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था नियमित और सुचारु रखना मनपा प्रशासन तथा सत्ताधारी दलों की जिम्मेदारी है. बार-बार उत्पन्न हो रही समस्या प्रशासनिक नियोजन की कमी को दर्शाती है. एक ओर संपत्ति कर बढ़ाने की चर्चा की जा रही है, जबकि दूसरी ओर नागरिकों को नियमित सफाई जैसी मूलभूत सुविधा भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है. ऐसे में कर के रूप में पैसा देने वाले नागरिक सवाल किससे पूछें, यह प्रश्न शेखावत ने उठाया.
* कई मुद्दे अब भी लंबित
शेखावत ने कहा कि शहर में भटक्या-विमुक्त समुदाय के नागरिकों की समस्याओं से लेकर स्वच्छता, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत नागरी सुविधाओं के अनेक प्रश्न लंबित हैं. रेलवे स्टेशन से राजकमल चौक तक प्रस्तावित फ्लाईओवर समेत विभिन्न विकास कार्यों को लेकर भी नागरिकों में अपेक्षाएं हैं. सत्ता संभालने के बाद नागरिकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी सत्ताधारियों को स्वीकार करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नागरिकों के स्वास्थ्य और शहर की स्वच्छता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगी. यदि भाजपा और उसके सहयोगी दल शहर का प्रशासन संभालने में सक्षम नहीं हैं तथा प्रशासन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रख सकते, तो उनके नेताओं को जिम्मेदारी स्वीकार कर तत्काल इस्तीफा देना चाहिए. बबलू शेखावत ने कहा कि अमरावतीकरों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि नियमित सफाई, बेहतर नागरी सुविधाएं और जवाबदेह प्रशासन चाहिए. सत्ताधारियों को घोषणाओं के बजाय अब प्रत्यक्ष काम करके दिखाना चाहिए.





