जिला बैंक चुनाव में एक और नया मोड़
अब 187 सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों पर आपत्ति

* 30 सितंबर को होगी सभी आपत्तियों परह सुनवाई
अमरावती/दि.23– अमरावती जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक की चुनाव प्रक्रिया में एक नया मोड़ आ गया है. प्रारूप मतदाता सूची में शामिल 187 सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों पर आपत्ति दर्ज की गई है. महाराष्ट्र राज्य सहकारी संघ, पुणे के अपर निबंधक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने दावा किया है कि इन संस्थाओं ने सहकार कानून के तहत देय वैधानिक शिक्षा निधि (एजुकेशन फंड) का भुगतान नहीं किया है. इस आपत्ति पर अब 30 सितंबर को विभागीय सहनिबंधक कार्यालय में सुनवाई होगी.
जिला बैंक चुनाव के लिए विभागीय सहनिबंधक द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार 21 सितंबर को अस्थायी मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी और उस पर 30 सितंबर तक दावे-आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं. इसी दौरान महाराष्ट्र राज्य सहकारी संघ के अपर निबंधक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेंद्रकुमार दराडे ने विस्तृत हरकत पत्र प्रस्तुत किया है. बताया गया है कि जिले के विभिन्न तहसीलों की बहुउद्देशीय सहकारी संस्थाएं, पतसंस्थाएं, गृहनिर्माण संस्थाएं, दुग्ध संघ तथा कामगार सहकारी संस्थाएं सहित कुल 187 संस्थाओं ने शिक्षा निधि का भुगतान नहीं किया है. इस मुद्दे के सामने आने के बाद सहकार क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है.
* क्या कहता है कानून?
महाराष्ट्र सहकारी संस्था अधिनियम, 1960 की धारा 27(10) तथा धारा 73(कअ)(1) के अनुसार, यदि कोई सहकारी संस्था अपना वैधानिक शिक्षा निधि पूर्ण रूप से जमा नहीं करती है, तो उसे अथवा उसके प्रतिनिधि को चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने या मतदाता सूची में शामिल होने का अधिकार नहीं रहता.
* सभी संस्थाओं को नोटिस
प्राप्त आपत्तियों के आधार पर विभागीय उपनिबंधक वी. एम. बोराले ने संबंधित सभी 187 संस्थाओं को नोटिस जारी किए हैं. अब 30 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे विभागीय सहनिबंधक कार्यालय में सुनवाई होगी. इस सुनवाई के बाद यह तय होगा कि संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों के नाम मतदाता सूची में बने रहेंगे या उन्हें बाहर किया जाएगा. जिला बैंक चुनाव की दृष्टि से यह सुनवाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसके परिणाम से मतदाता सूची की संरचना और चुनावी समीकरणों पर सीधा असर पड़ सकता है.





