आदतें कौशल्य से भी ज्यादा परिणाम देती हैं

अमरावती/दि. 23 – स्थानीय बृजलाल बियाणी विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम के दूसरे दिन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया. प्राचार्य डॉ. दीपक धोटे की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में सूरत के गांधी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के व्याख्याता हरिकृष्ण गोहिल ने विद्यार्थियों को आदतों, समय प्रबंधन, सतत अभ्यास और सकारात्मक जीवनशैली के महत्व से अवगत कराया. करीब 235 विद्यार्थियों ने व्याख्यान का लाभ लिया.
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ. प्रस्तावना में विभाग प्रमुख डॉ. नीता होनाराव ने कहा कि स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है. इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं और हुनर को पहचानने तथा उन्हें विकसित करने का अवसर मिलता है. इस समय अपने संबोधन में हरिकृष्ण गोहिल ने अत्यंत सरल और रोचक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को आदतों की ताकत समझाई. उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को लगातार करते रहने से वह हमारी आदत बन जाता है और आगे चलकर उसी का लाभ मिलता है. एक बार पढ़ने से फ्रेंच, स्पेनिश या जापानी भाषा नहीं सीखी जा सकती, लेकिन रोज थोड़ा-थोड़ा अभ्यास किया जाए तो उसे सीखना संभव है. इसी तरह कच्चे रास्ते पर रोज चलने से धीरे-धीरे पगडंडी बन जाती है.
अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. दीपक धोटे ने कहा कि व्यक्ति का नेटवर्क उसके लिए रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट की तरह उपयोगी साबित हो सकता है. उन्होंने भी आदतों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कई बार आदतें हमारी याददाश्त से भी अधिक प्रभावशाली साबित होती हैं. उन्होंने अपने जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि नियमित व्यायाम, पैदल चलने और व्यवस्थित जीवनशैली को आदत में शामिल करने से उन्होंने अपने स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव महसूस किया. उन्होंने विद्यार्थियों से भी स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया.
कार्यक्रम का संचालन प्रा. एकता लोढ़िया ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन प्रा. अदिति देशमुख ने किया. कार्यक्रम में डॉ. शैला निबजिया, डॉ. गिरीश डागा, डॉ. सागर रायचुरा, प्रा. पूजा मोहत, डॉ. ममता मेहता, प्रा. गायत्री मोहत, प्रा. दीपा मढगे, प्रा. निखिल टावरी, डॉ. अर्चना आखरे, प्रा. स्नेहल वानखेड़े, प्रा. स्नेहा नावंदर, प्रा. निशा पुजारी, प्रा. कुंजल तिवारी, प्रा. प्रांजल असावा, प्रा. रेणुका मुंडवाई, प्रा. पीयूषा वानखेड़े तथा प्रा. कविता सहित महाविद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे. कार्यक्रम की सफलता के लिए कल्पेश भट्टड़, कोकिला ताई और विजय सोनटक्के ने परिश्रम किया.

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