डोल ग्यारस पर बडनेरा में धूमधाम से निकाली गई ‘लड्डू गोपाल’ की पालकी यात्रा

सैकडों की संख्या में शामिल हुए भक्तगण

* जगह-जगह बडी आस्था के साथ किया गया स्वागत
* बालाजी मंदिर और सत्यनारायण मंदिर से हर वर्ष निकाली जाती है पालकी
अमरावती/दि.23 – श्रीकृष्ण के जन्म के बाद आने वाली एकादशी को जलविहार यात्रा बडे ही धूमधाम से निकाली जाती है. बडनेरा शहर के नई बस्ती मारवाडीपुरा स्थित बालाजी मंदिर और सत्यनारायण मंदिर से यह जलविहार यात्रा मंगलवार 22 सितंबर की शाम बडे ही आस्था और उत्साह के साथ निकाली गई. जिसमें सैकडों भक्तगण शामिल हुए. इस जलविहार यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया.
श्रीकृष्ण जन्म के बाद आने वाली एकादशी को कुआ पूजन के लिए लड्डू गोपाल की जलविहार यात्रा निकाली जाती है. इसे डोल ग्यारस भी कहा जाता है. हर वर्ष इस डोल ग्यारस को बडनेरा शहर के मारवाडीपुरा स्थित बालाजी मंदिर से बडे ही धूमधाम और बाजे-गाजे के साथ यह जलविहार यात्रा निकाली जाती है. मंगलवार 22 सितंबर की शाम 4 बजे बालाजी मंदिर से इस जलविहार यात्रा की शुरुआत हुई, जो जयस्तंभ चौक, शिवाजी चौक से होते हुए आठवडी बाजार स्थित सत्यनारायण मंदिर पहुंची. सत्यनारायण मंदिर से भी पालकी निकाली गई. दोनों जलविहार यात्रा आठवडी बाजार से मालवीयपुरा, हमालपुरा, गजानन नगर होते हुए श्रीराम झीरी मंदिर पहुंची, जहां लड्डू गोपाल की पूजा-आरती कर उन्हें कुएं में झुलाया गया. पश्चात आरती कर प्रसाद का वितरण किया गया. पश्चात फिर से मंदिर से इस जलविहार यात्रा की बाजे-गाजे के साथ शुरुआत हुई. जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर इस जलविहार यात्रा का स्वागत किया. अनेक लोगों ने जलपान की भी व्यवस्था कर रखी थी. इस अवसर पर जोरदार आतिशबाजी भी की गई. बालाजी मंदिर के संचालक राजेश जोशी, बबलू जोशी, अनुराग जोशी, चिराग जोशी, भुपेश जोशी समेत परिसर के श्रद्धालु और सत्यनारायण मंदिर के संचालक फकीरचंद जोशी, चंदू जोशी, मुकेश जोशी, हरी जोशी, आनंद जोशी, गजु जोशी, सागर जोशी, सनी जोशी, शरद जोशी समेत परिसर के सैकडों भक्तगण इस जलविहार यात्रा में शामिल हुए थे. शाम 7 बजे इस जलविहार यात्रा का बालाजी मंदिर पहुंचने के बाद समापन हुआ.

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