सरकार से वार्ता विफल, 26 से पांच दिनों के लिए बैंक बंद
12-15 हजार करोड के बिजनैस पर प्रभाव

* पांच दिनों का कार्य सप्ताह करने की मांग
* यूनाइटेड बैंक फोरम के अध्यक्ष पंकज गावंडे द्बारा जानकारी
अमरावती /दि.23- यूनाइटेड बैंक फोरम के आवाहन पर आगामी 28 सितंबर से तीन दिवसीय बैंक हडताल रखी गई है. लगातार 5 दिनाेंं तक बैंकिंग व्यवहार ठप होने की आशंका है. वित्त वर्ष का आधा साल बीतने वाला है. ऐसे में अकेले अमरावती जिले में ही हजारों करोड के बैंकिंग लेन-देन पर बुरा असर हो सकता हैं. यूनाइटेड बैंक फोरम के अमरावती अध्यक्ष पंकज गावंडे ने अमरावती मंडल को बताया कि सरकार से बातचीत विफल होने के कारण आईबीए ने हडताल का निर्णय अडिग रखा है. आगामी शनिवार और रविवार 26-27 सितंबर को साप्ताहिक अवकाश है.
* सरकार ने दिया था आश्वासन
पंकज गावंडे ने बताया कि, शासन ने दो वर्ष पूर्व 8 मार्च 2024 को हडताल की चेतावनी देने पर लिखित रुप से आश्वासन दिया था कि, बीमा, शेयर मार्केट, राज्य सरकार और केंद्र सरकार के अनेक विभागों की तरह बैंकों में भी पांच दिनों का सप्ताह किया जाएगा. वह आश्वासन अब तक पूर्ण नहीं होने से 28 सितंबर से आयोजित हडताल होकर रहेगी.
* रोज अतिरिक्त 40 मिनट कार्य
पंकज गावंडे ने दावा किया कि, बैंक अधिकारी-कर्मचारियों के सभी संगठनों ने पांच दिनों का सप्ताह किए जाने की स्थिति में रोज 40 मिनट अधिक सेवा देने का संकल्प किया है. उसे पूर्ण किया जाएगा. गावंडे के अनुसार बैंक अधिकारियों-कर्मियों का भी वर्क लाइफ बैलेंस होना चाहिए. इसलिए शासन को इस बारे में सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए. उन्होंने बताया कि अमरावती में मयूर सोनवाल, मंगेश दबले, गीतांजलि तारे, अमित फिस्के, ब्रिजेश सिंगलवार, चैतन्य मालोदे, प्रमोद दिघाडे सहित लीडर्स के नेतृत्व में उक्त आंदोलन होने जा रहा है.
* अमरावती में 90 शाखाएं
पंकज गावंडे ने बताया कि जिले में लगभग 90 शाखाएं कार्यरत है. उनमें 1 हजार से अधिक अधिकारी कर्मी कार्यरत हैं. प्रस्तावित तीन दिनों की स्ट्राइक में उक्त सभी अधिकारी कर्मी सम्मिलित होंगे. प्रशासन को गत 11 सितंबर की हडताल के साथ पहले ही आगाह कर दिया था. अब अनेक वर्षो से प्रलंबित 5 दिनों के सप्ताह का वादा पूर्ण करने की मांग है.
* 12-15 हजार करोड का कारोबार
बैंक उच्चाधिकारियों ने चर्चा में बताया कि अमरावती जिले में पांच दिन बैंके बंद रहती है तो लगभग 12 से 15 हजार करोड का लेनदेन प्रभावित होेने का अंदेशा है. आंतरिक क्लीयरंस के लिए सहकारी और नागरी अर्बन बैंके भी राष्ट्रीयकृत बैंकों पर निर्भर होेने से तीन दिनों की हडताल और दो दिन की साप्ताहिक छुट्टी से सितंबर का आखरी सप्ताह का कामकाज खासा प्रभावित हो सकता है.





