क्रिकेटर भारती फूलमाली अमरावती ले आई एशियन गोल्ड मेडल

खेल जगत में हर्ष और गर्व की लहर

* अमरावती की भारती मानी जाती सिक्सर क्वीन
* 12 साल की थी तब शुरु की ट्रेनिंग, वीसीए ने भी आगे बढाया
अमरावती/दि.23- आंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर जीतेश शर्मा के बाद भारती फूलमाली ने अमरावती का क्रिकेट जगत में नाम बडा किया. मंगलवार को भारतीय महिला टीम ने जापान में चल रहे एशियाई खेलों में क्रिकेट का गोल्ड मेडल जीता. इस दल में अमरावती की अपनी सिक्सर क्वीन भारती फूलमाली भी रही. फूलमाली को फाइनल मुकाबले में ही खेलने का अवसर मिला. वह नॉटआउट रही. भारतीय महिला टीम के एशियाई गोल्ड मेडल जीतने से अमरावती में पहली बार एशियाई खेलों का गोल्ड मेडल आया है. भारती फूलमाली ले आई है. जिसके कारण यहां खेल जगत विशेषकर क्रिकेट प्रेमियों में खुशी की लहर है. भारती फूलमाली से जुडे सभी की गौरव की अनुभूति कर रहे हैं.
* फूलमाली के घर जश्न
फूलमाली के पिता श्रीकृष्ण फूलमाली अध्यापक रहे हैं. जबकि उनकी माताजी गृहिणी है. भारती की दो छोटी बहनें हैं. एशिया कप स्पर्धा के बाद अब एशियाई खेलों का सुवर्ण पदक जीतने से फूलमाली परिवार में मंगलवार को जोरदार जश्न मनाया गया. पासपडोस के लोगों ने भी ढोल-ताशे बजाकर भारती और टीम इंडिया की सफलता का जल्लोश किया. मिठाई से एक-दूसरे का मुंह मीठा किया गया. इस जश्न में भारती के कोच रहे संदीप गावंडे और उनके साथी भी सहभागी हुए थे. संदीप गावंडे आज गदगद है. उन्होंने बताया कि, लडकपन से ही भारती में क्रिकेट प्रतिभा थी. जिसे तराशा गया. विदर्भ क्रिकेट असो. वीसीए ने भी खूब साथ दिया. फूलमाली को आगे बढाया.
* टीम इंडिया में सिलेक्शन
भारती फूलमाली का सर्वप्रथम महिला क्रिकेट की राष्ट्रीय टीम में चयन 2019 में हुआ था. एक दिवसीय और टी-20 मुकाबलों में भारती ने जोरदार प्रदर्शन किया. हालही में वुमन प्रीमियर लीग में गुजरात जॉयंट्स की ओर से खेलते हुए भारती ने जमकर जौहर दिखाए. वह लंबे छक्के उडाने के लिए प्रसिद्ध है. इसलिए भारती को सिक्सर क्वीन कहा जाता है. कुछ माह पहले उसका टीम इंडिया के इंग्लैंड दौरे के लिए चयन हुआ था. उससे पूर्व दक्षिण अफ्रीका गई भारतीय दल में भी फूलमाली ने जोरदार प्रदर्शन किया. उसकी 65 रनों की टी-20 पारी उल्लेखनीय रही. जिसके बल पर वह भारतीय दल में एशिया कप के बाद एशियाई खेलों में भी खेली. भारती के टीम इंडिया के रुप में गोल्ड मेडल जीतने से अमरावती का खेल जगत खुशी से फूला नहीं समाया है.
* 12 वर्ष की आयु से प्रशिक्षण
भारती फूलमाली के कोच रहे संत गजानन अकादमी के संदीप गावंडे ने बताया कि, 12 वर्ष के आयु से ही भारती ने क्रिकेट की विधिवत ट्रेनिंग शुरु कर दी थी. उस समय गावंडे हव्याप्रमं में क्रिकेट प्रशिक्षक थे. कालांतर में गावंडे ने अपनी क्रिकेट अकादमी प्रारंभ की. अकादमी में डॉ. विनोद कपिले, अजय गिरासे, प्रशांत सोनारे, प्रतीक घोगरे, संदेश पाटिल, नीलेश धर्माले, प्रदीप कुकडे, आशीष राऊत, शुभम पवार, सोनी समीर खान, अंशुल मोरे भी प्रशिक्षक है. आज उनके अकादमी की होनहार खिलाडी भारती फूलमाली जापान से सोना जीतकर लौट रही है. यह अत्यंत प्रसन्नता का क्षण होने की जानकारी गावंडे ने दी. उल्लेखनीय है कि, भारती की पढाई ज्ञानमाता स्कूल और के.एल. कॉलेज में हुई है. उसी प्रकार भगतसिंह महाविद्यालय से भारती ने बीपीएड और एमपीएड किया है.
* आयकर विभाग में अधिकारी
भारती को खेल के मैदान पर किए गए प्रदर्शन के बल पर आयकर विभाग में अधिकारी के रुप में नियुक्ति मिली है. वह बेंगलोर सर्कल में कार्यरत है. अब एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीतने से भारती को सीधे बडी पोस्टींग मिलनेवाली है. जिससे उसके बेंगलोर सर्कल की बजाए अमरावती या नागपुर में आ जाने की पूरी उम्मीद है.

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