अकालग्रस्त किसानों को दिया जाए विशेष पैकेज
पूर्व सभापति दीपाली विधले ने कृषिमंत्री दत्तात्रेय भरणे को भेजा निवेदन

* कहा- निरीक्षण से मिला मानसिक संबल, अब किसानों के खातों तक पहुंचे प्रत्यक्ष आर्थिक मदद
अमरावती/दि. 24- राज्य में बन रही अकालसदृश स्थिति के बीच किसानों को तात्कालिक राहत देने की मांग जोर पकड़ने लगी है. इसी कड़ी में अचलपुर नगरपालिका की पूर्व शिक्षा सभापति दीपाली विधले ने महाराष्ट्र के कृषिमंत्री दत्तात्रेय भरणे को विस्तृत निवेदन भेजकर अकाल प्रभावित किसानों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज घोषित करने तथा नुकसानग्रस्त किसानों को तत्काल प्रत्यक्ष सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है. अपने निवेदन में उन्होंने कृषिमंत्री द्वारा विभिन्न जिलों का दौरा कर किसानों की समस्याएं प्रत्यक्ष रूप से जानने की सराहना करते हुए कहा कि अब समय केवल निरीक्षण का नहीं, बल्कि ठोस निर्णय और आर्थिक राहत का है.
पूर्व सभापति दीपाली विधले ने कहा कि राज्य के अनेक हिस्सों में वर्षा की लंबी कमी के कारण खरीफ फसलें गंभीर संकट में हैं. खेतों में खड़ी फसलें सूखने लगी हैं और किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है. ऐसे समय में कृषिमंत्री दत्तात्रेय भरणे स्वयं किसानों के खेतों तक पहुंचे, उनकी समस्याएं सुनीं और प्रशासन के साथ बैठकें लेकर स्थिति का जायजा लिया. इससे किसानों को यह विश्वास मिला है कि सरकार उनकी पीड़ा को समझ रही है. कृषिमंत्री स्वयं किसान परिवार से जुड़े होने के कारण वे किसानों की वेदना को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं. किसानों को यह संतोष है कि उनकी समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंच रही हैं, लेकिन अब उन्हें राहत की भी उतनी ही अपेक्षा है. कृषिमंत्री हमारे खेत तक आए, हमारी बात सुनी, अब हमारी आर्थिक चिंता दूर करने के लिए ठोस कदम भी उठाए जाएं, ऐसी भावना किसानों में है.
पूर्व सभापति दीपाली विधले ने सरकार से मांग की है कि जिन क्षेत्रों में वर्षा के अभाव से फसलों को भारी नुकसान हुआ है, वहां तत्काल विशेष किसान सहायता पैकेज घोषित किया जाए. साथ ही वास्तविक नुकसान झेलने वाले किसानों को सीधे आर्थिक सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की जाए. उन्होंने फसलवार और गांववार पंचनामे युद्धस्तर पर पूर्ण करने तथा पात्र किसानों को शीघ्र मुआवजा देने की भी मांग की है. निवेदन के अंत में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और कृषिमंत्री दत्तात्रेय भरणे से समन्वय स्थापित कर राज्य के संकटग्रस्त किसानों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज घोषित करने की मांग की गई है.





