एफडीए कार्यालय के सामने ही एक्सपायर्ड चिली सॉस का ढेर!

कचरे में मिलीं 200 से अधिक बोतलें

* मई में खत्म हो चुकी थी वैधता
* शहर में बिक्री की शिकायत से उठे सवाल
अमरावती/दि.24- खाद्य एवं औषध प्रशासन (एफडीए) कार्यालय के सामने ही कचरे के ढेर में 200 से अधिक एक्सपायर्ड चिली सॉस की बोतलें मिलने से खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. एसटी स्टैंड के पास स्थित एफडीए कार्यालय के सामने मिले इन बोतलों की वैधता मई माह में ही समाप्त हो चुकी होने की जानकारी सामने आई है. एफडीए कार्यालय से कुछ ही दूरी पर इतनी बड़ी संख्या में मुदतबाह्य सॉस की बोतलें मिलना मामले को गंभीर बना रहा है.
खाद्य एवं औषध प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंडे की कार्रवाई के चलते खाद्य कारोबारियों में सतर्कता का माहौल होने के बावजूद एक्सपायर्ड सॉस की इतनी बड़ी खेप कचरे में कैसे पहुंची, यह सवाल महत्वपूर्ण है. ये बोतलें किस दुकान, होटल, रेस्टोरेंट या अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान से निकलीं और इन्हें कचरे में किसने फेंका, इसकी जांच की जरूरत है. बोतलों पर दर्ज विवरण के आधार पर इनके निर्माता, स्टॉकिस्ट और आपूर्ति श्रृंखला तक पहुंचा जा सकता है. संबंधित स्टॉकिस्ट ने शहर के किन-किन दुकानों, होटलों और खान-पान प्रतिष्ठानों को यह सॉस उपलब्ध कराया था, इसकी पड़ताल होने पर पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है.
मुदत समाप्त होने के बाद भी शहर के कुछ स्थानों पर ग्राहकों को यही सॉस दिए जाने की शिकायत सामने आने का दावा किया जा रहा है. ऐसे में यह जांच भी जरूरी है कि कचरे में मिली 200 से अधिक बोतलों के अलावा इसी खेप की कितनी बोतलें बाजार में पहुंचीं और कहीं उनका इस्तेमाल या बिक्री अब भी तो नहीं हो रही है. होटल, रेस्टोरेंट, खान-पान केंद्र और किराना दुकानों में चिली सॉस के स्टॉक की जांच किए जाने की मांग भी उठ रही है. यदि कहीं मई में एक्सपायर हो चुका सॉस उपलब्ध पाया जाता है, तो उसकी आपूर्ति और बिक्री की श्रृंखला तक पहुंचना आसान हो सकता है.
सबसे अहम सवाल यह है कि एफडीए कार्यालय के ठीक सामने इतनी बड़ी संख्या में एक्सपायर्ड सॉस की बोतलें कचरे में कैसे पहुंचीं. हालांकि, इन्हें किसने फेंका और इनका वास्तविक स्रोत क्या है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा. अब निगाहें खाद्य एवं औषध प्रशासन की कार्रवाई पर हैं. बोतलों के स्रोत, संबंधित स्टॉकिस्ट और शहर में संभावित आपूर्ति-विक्रय नेटवर्क की जांच होती है या नहीं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा.

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