जी एच रायसोनी विश्वविद्यालय में एकाक्षरा गणेशोत्सव आयोजित
विविध आयोजन के द्वारा विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण और समाज सेवा का संदेश

अमरावती/दि.25- जी.एच. रायसोनी विश्वविद्यालय अमरावती के विद्यार्थियों ने ‘एकाक्षरा’ गणेशोत्सव को सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित न रखते हुए राष्ट्रीय एकता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का सशक्त माध्यम बना दिया. दस दिनों तक चले इस महोत्सव में छात्रों ने पारंपरिक पूजा-पाठ के साथ कई सामाजिक उपक्रम आयोजित किए, जिससे समाज को भी इसका सीधा लाभ मिला.
महोत्सव के दौरान पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए छात्रों ने इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमा की स्थापना की. होटल मैनेजमेंट एंड केटरिंग टेक्नोलॉजी विभाग ने मोदक बनाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया. इसमें विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और विभिन्न प्रकार के रचनात्मक मोदक तैयार किए. स्वाद, प्रस्तुति और रचनात्मकता के आधार पर निर्णय किया गया. प्रथम पुरस्कार मयंक विनोद डागामवार को तथा द्वितीय पुरस्कार जान्हवी विलासराव सवाने को प्रदान किया गया. प्रतियोगिता के जज और रिसोर्स पर्सन शेफ विक्रम अढाऊ थे, जबकि समन्वयक शेफ सुयोग काटोले रहे. विभाग के डीन डॉ. शैलेंद्र चिकटे के मार्गदर्शन में यह आयोजन संपन्न हुआ. इससे छात्रों में पाक कला, आत्मविश्वास और टीम वर्क का विकास हुआ.
इसी उपक्रम के अंतर्गंत पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए साथ ही इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमा को बढ़ावा देने के उद्देश से विश्वविद्यालय में इको-फ्रेंडली गणेश मूर्ति निर्माण प्रतियोगिता भी आयोजित की गई. इसमें श्रुति राउत (बीटेक सिविल) विजेता रहीं, कौस्तुभ बान (होटल मैनेजमेंट) प्रथम रनर-अप तथा प्रांजल जाधव (बीटेक सीएसई) द्वितीय रनर-अप घोषित किए गए. अन्य प्रतिभागियों में भूमि सेंगर (बीएएलएलबी) और जान्हवी अवघाड (बी.फार्म) शामिल रहीं. विविध आयोजनों की इसी श्रृंखला में विश्व फार्मेसी दिवस के अवसर पर स्कूल ऑफ फार्मेसी तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में मेलघाट ब्लड सेंटर, परतवाड़ा के सहयोग से रक्तदान शिविर का आयोजन किया. इस शिविर का मार्गदर्शन स्कूल ऑफ फार्मेसी के डीन डॉ. नरेंद्र चंद्रा एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी कैलाश वाधवानी ने किया. शिबिर में विश्वविद्यालय के कुल 51 शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी और विद्यार्थियों ने रक्तदान कर महादान का संदेश समाज तक पहुँचाया.
कुलगुरु डॉ. विनायक देशपांडे ने विद्यार्थियों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं. उनमें सामाजिक दायित्व का बोध होना आवश्यक है, तभी वे उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वाह कर सकेंगे. विद्यार्थी कल्याण अधिष्ठाता डॉ. प्रशांत अवचट और कुलसचिव डॉ. स्नेहिल जायसवाल ने भी छात्रों के प्रयासों की प्रशंसा की और उन्हें ऐसे सामाजिक कार्यों के लिए प्रोत्साहित किया. दस दिनों तक चले इस आयोजन का सफल संचालन स्पोर्ट्स ऑफिसर डॉ. अमर मोरे ने किया.





