सूखे की घोषणा की मांग को लेकर किसानों का मोर्चा
आजाद पार्टी ने की सर्वेक्षण कर आर्थिक सहायता देने की मांग

मोर्शी /दि.26– तहसील में निर्माण हुई गंभीर सूखे जैसी स्थिति का तत्काल सर्वेक्षण कर सूखा घोषित करने और प्रभावित किसानों तथा खेत मजदूरों को तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग को लेकर गुरुवार 24 सितंबर को आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की ओर से तहसील कार्यालय पर मोर्चा निकाला गया. पार्टी के तहसील अध्यक्ष अक्षय पांडे के नेतृत्व में सैकडों संतप्त किसानों ने मोर्चे में सहभाग लिया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शेतकरी एकता जिंदाबाद, जय भीम और जय संविधान के नारे लगाए, जिससे तहसील परिसर गूंज उठा.
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की ओर से कहा गया कि, मोर्शी तहसील के किसान एक साथ प्राकृतिक और आर्थिक संकट का सामना कर रहे है. खरीफ सीजन में अपेक्षित बारिश नहीं हुई. बारिश के बीच लंबे अंतराल के कारण फसलों को जरुरत के समय पानी उपलब्ध नहीं हो पाया. जिससे खेतो में खडी फसलों की स्थिति खराब हो गई है. किसानों ने बीज, खाद, कीटनाशक और मजदूरी के लिए कर्ज लिया तथा अपनी जमा पूंजी भी खर्च की. लेकिन बारिश की अनिश्चितता ने पूरे खरीफ सीजन पर संकट खडा कर दिया है. सोयाबीन, कपास, तुअर, मूंग और उडद सहित विभिन्न खरीफ फसलों के उत्पादन पर इसका प्रतिकुल असर पडा है.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि, सरकारी कार्यालयों में बैठकर केवल पर्जन्यमान के आंकडों के आधार पर स्थिति सामान्य मानना किसानों के साथ अन्याय होगा. वास्तविक स्थिति जानने के लिए अधिकारियों को किसानों के खेतों की मेड पर जाकर फसलों का निरीक्षण करना चाहिए. आजाद समाज पार्टी ने कहा कि, सूखा केवल कम बारिश का विषय नहीं है. इसका सीधा असर खेती, पशुधन, पेयजल, रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और परिवारों की आजीविका पर फर्क पडता है.
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नुकसानग्रस्त खेतों के तत्काल पंचनामे करने और वास्तविक नुकसान के आधार पर आर्थिक सहायता देने की मांग की. साथ ही फसल बीमा कंपनियों को नुकसान भरपाई की प्रक्रिया तेजी से पूरी करने के निर्देश देने तथा पात्र किसानों को प्राकृतिक आपदा सहायता तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की. मोर्चे के बाद तहसीलदार के माध्यम से जिलाधिकारी को लिखित निवेदन भेजा गया. इसमें मोर्शी तहसील की वर्तमान स्थिति का तत्काल प्रत्यक्ष सर्वेक्षण कर सरकारी मानकों के अनुसार सूखे जैसी स्थिति का मूल्यांकन करने और पात्रता पाए जाने पर मोर्शी तहसील में सूखा घोषित करने के लिए शासन को तत्काल प्रस्ताव भेजने की मांग की गई. मोर्चे में तहसील के सैकडों किसान शामिल हुए.





