महाराष्ट्र पर भाजपा की खास नजर, संगठन साधने के लिए राष्ट्रीय टीम मैदान में

अजय जामवाल प्रदेश संगठन महामंत्री, सतीश धोंड सह-संगठन महामंत्री

* बैजयंत जय पांडा को प्रभारी बनाकर तीन सहप्रभारियों की टीम
मुंबई /दि.25– महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर एक के बाद एक महत्वपूर्ण नियुक्तियां करते हुए राज्य पर केंद्रीय नेतृत्व का विशेष फोकस स्पष्ट किया है. प्रदेश संगठन महामंत्री के रूप में अजय जामवाल और सह-संगठन महामंत्री के रूप में सतीश धोंड की नियुक्ति के एक दिन पहले बैजयंत जय पांडा को महाराष्ट्र का प्रभारी बनाया गया था. उनके साथ अमित मालवीय, सदानंद शेट तानावडे और कमलजीत सहरावत को सहप्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है. इन नियुक्तियों के साथ महाराष्ट्र में संगठन के कामकाज की निगरानी के लिए राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की एक विस्तृत व्यवस्था सामने आई है. पार्टी के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश के पास महाराष्ट्र के साथ आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गोवा की संगठनात्मक जिम्मेदारी भी है और उनका केंद्र मुंबई रखा गया है.
बता दे कि, महाराष्ट्र भाजपा में कुछ समय पहले विभागीय संगठन सचिव की व्यवस्था समाप्त की गई थी. अब प्रदेश संगठन महामंत्री और सह-संगठन महामंत्री की नियुक्ति के जरिए संगठन के कामकाज के लिए नई संरचना तैयार की गई है. पार्टी के स्तर पर इसे संगठन को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने और प्रदेश की गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखने की व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है. अजय जामवाल को महाराष्ट्र का प्रदेश संगठन महामंत्री बनाया गया है, जबकि सतीश धोंड को सह-संगठन महामंत्री नियुक्त किया गया है. धोंड को महाराष्ट्र के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान में जनजातीय संपर्क की जिम्मेदारी भी दी गई है. उनका कार्यकेंद्र नागपुर रहेगा.
सतीश धोंड का केंद्र नागपुर निर्धारित किया जाना संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण है. इससे विदर्भ में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है. राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें चार राज्यों में जनजातीय संपर्क की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है. 23 सितंबर को भाजपा ने विभिन्न राज्यों के प्रभारी और सहप्रभारी नियुक्त किए थे. महाराष्ट्र के लिए बैजयंत जय पांडा को प्रभारी तथा अमित मालवीय, सदानंद शेट तानावडे और कमलजीत सहरावत को सहप्रभारी बनाया गया. महाराष्ट्र जैसे बड़े और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य के लिए एक प्रभारी के साथ तीन सहप्रभारियों की व्यवस्था की गई है. इससे प्रदेश संगठन की गतिविधियों, चुनावी तैयारियों और स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली चुनौतियों की निगरानी के लिए केंद्रीय नेतृत्व की भागीदारी बढ़ने के संकेत मिलते हैं.
* पिछले लोकसभा प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
महाराष्ट्र में पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा और उसके सहयोगी दलों के प्रदर्शन के बाद संगठनात्मक स्तर पर कई बदलाव हुए हैं. नई नियुक्तियों को इसी व्यापक संगठनात्मक पुनर्संरचना के क्रम में देखा जा रहा है. हालांकि इन नियुक्तियों का आधिकारिक उद्देश्य संगठनात्मक जिम्मेदारियों का निर्धारण है, लेकिन आगामी चुनावों की तैयारी के संदर्भ में इनका राजनीतिक महत्व भी स्वाभाविक रूप से है. नई प्रभारी टीम से प्रदेश संगठन की गतिविधियों की नियमित समीक्षा, स्थानीय स्तर की जानकारी केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने और संगठनात्मक समन्वय मजबूत करने की अपेक्षा की जा रही है. इस पूरी पुनर्रचना में एक तरफ प्रदेश स्तर पर संगठन महामंत्री और सह-संगठन महामंत्री की नई जोड़ी है, तो दूसरी तरफ केंद्रीय स्तर से प्रभारी और तीन सहप्रभारियों की टीम. ऐसे में महाराष्ट्र भाजपा के संगठनात्मक कामकाज पर केंद्रीय नेतृत्व की निगरानी और समन्वय की व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक व्यापक दिखाई दे रही है.
* कौन हैं अजय जामवाल?
अजय जामवाल मूल रूप से हिमाचल प्रदेश से हैं और लंबे समय से भाजपा के संगठनात्मक कामकाज से जुड़े रहे हैं. महाराष्ट्र की जिम्मेदारी मिलने से पहले वे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के संगठन महामंत्री के रूप में काम कर चुके हैं. छत्तीसगढ़ में संगठनात्मक जिम्मेदारी के दौरान 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस को सत्ता से हटाकर सरकार बनाई थी. अब महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य की संगठनात्मक जिम्मेदारी जामवाल को सौंपे जाने से प्रदेश भाजपा के भीतर उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है.

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