सरकार को भेजा काजू-बादाम
किसान सभा का अनोखा निषेध

* तत्काल सूखा घोषित करने की मांग
* तहसीलदार के जरीए सीएम को निवेदन
नांदगांव खंडेश्वर/दि.26 – राज्य में बारिश की कमी से पैदा हुई सूखे जैसी स्थिति और नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों की लंबित मांगों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए अखिल भारतीय किसान सभा ने अनोखे तरीके से विरोध जताया. नांदगांव खंडेश्वर तहसील कमेटी की ओर से तहसीलदार के माध्यम से शासन को निवेदन भेजा गया. किसानों के आक्रोश के प्रतीक के रूप में मंत्रियों को काजू-बादाम भेजकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया. किसान सभा का कहना है कि बारिश के अभाव में सोयाबीन, कपास सहित खरीफ की फसलें बर्बाद होने की स्थिति में हैं और किसान आर्थिक संकट में फंस गए हैं. संगठन ने मांग की कि बिना किसी जटिल अथवा जाचक निकष के पूरे महाराष्ट्र में तत्काल सूखा घोषित किया जाए और प्रभावित किसानों को व्यापक राहत दी जाए.
निवेदन में किसानों को केवल बीज और खाद पर हुए खर्च की भरपाई तक सीमित नहीं रखते हुए फसल के संपूर्ण नुकसान का मुआवजा देने की मांग की गई है. नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों को कम से कम दो लाख रुपये का प्रोत्साहन अनुदान देने तथा तकनीकी कारणों से कर्जमाफी से वंचित रह गए सभी पात्र किसानों को कर्जमाफी का लाभ देने की मांग भी की गई. इसके अलावा बकाया उपसा सिंचन योजना के कर्ज तत्काल माफ करने, फसल बीमा योजना से हटाए गए ‘ट्रिगर’ फिर से लागू करने तथा गायरान अथवा अन्य सरकारी जमीन पर वर्षों से खेती कर रहे किसानों के नाम जमीन करने की मांग रखी गई. सूखे की पृष्ठभूमि में खेतिहर मजदूरों को भी आर्थिक सहायता देने की मांग किसान सभा ने की है.
किसान सभा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार किसानों की मांगों को गंभीरता से नहीं लेती है तो मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के वर्षा स्थित सरकारी आवास के बाहर काजू-बादाम डालकर तीव्र आंदोलन किया जाएगा. संगठन ने कहा कि काजू-बादाम भेजने के माध्यम से सरकार के समक्ष किसानों की मौजूदा स्थिति और अपनी मांगों की ओर ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया गया है. इस अवसर पर किसान सभा के जिला सचिव कॉमरेड श्याम शिंदे, तहसील सचिव अशोक केसरखाने, तहसील उपाध्यक्ष विजय पाटील, शत्रुघ्न मगर, तुलशीराम जेठे, राजू ढोके, दिनेश बावणे, लक्ष्मण झिमटे, शैलेश कटाने, शहनशाह, किशोर शिंदे सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे.





