आंखो के भेंगापन की 146 नि:शुल्क सर्जरी
श्री हव्याप्र मंडल का 33 वर्षो से अखंड सेवायज्ञ

पुणे नेत्रसेवा प्रतिष्ठान के सहयोग से शिविर का समापन
अमरावती/ दि. 29– चिकित्सा शिक्षा केवल डिग्री और व्यवसाय तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के जरूरतमंद लोगों की पीडा को समझकर उन्हें स्वास्थ्य और बेहतर जीवन की नई आशा देने का माध्यम है. उसी सेवाभावी विचार को कार्यरूप देते हुए श्री हनुमान व्यायाम प्रसार मंडल द्बारा संचालित विदर्भ आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने मरीजों की सेवा की 33 वर्षो पुरानी परंपरा को कायम रखा है. मंडल के आद्य संस्थापक स्व. अंबादासपंत वैद्य की पुण्यतिथि के अवसर पर पुणे नेत्रसेवा प्रतिष्ठान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 33 वें भेंगापन नि:शुल्क सर्जरी शिविर में कुल 175 मरीजों ने सहभागिता की. इसमें से 46 मरीजों को इस शिविर के माध्यम से निशुल्क उपचार मिलने से अनेक लोगों के जीवन में स्वास्थ्य और आत्मविश्वास की नई सुबह हुई.
शनिवार 26 सितंबर को सर्जरी शिविर का आयोजन किया गया, जबकि रविार 27 सितंबर को महाव्द्यिालय के सभागार में शिविर का समापन समारोह उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया. विदर्भ आयुर्वेदिक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय चोपकर की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में श्री हव्याप्र प्रसार मंडल के कोषाध्यक्ष तथा डिग्री कॉलेज ऑफ फिजीकल एजुकेशन के प्राचार्य डॉ. श्रीनिवास देशपांडे, शिविर के आधारस्तंभ डॉ. मधुसूदन झंवर, समन्वयिका डॉ. ज्योति डाखोरे, सहसमन्वयक डॉ. देवेंद्र चौधरी सहित गणमान्य उपस्थित थे.
धन्वंतरी पूजन, दीप प्रज्वलन तथा स्व. अंबादासपंत वैद्य के चित्र का पूजन कर समारोह का शुभारंभ हुआ. इस अवसर पर शिविर के विभिन्न चरणों में किए गए कार्यो की चित्रफीत भी प्रदर्शित की गई. इसमें मरीजों ,विशेषज्ञ डॉक्टरों, विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों के अथक परिश्रम के साथ ही 33 वर्षो की सेवापरंपरा की झलक देखने को मिली.





