महावितरण की बिजली व्यवस्था में निजी लोगों से काम कराया तो बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई
ट्रांसफॉर्मर बदलने, तकनीकी मरम्मत, बिल वसूली और मीटर निकालने जैसे काम केवल अधिकृत तकनीकी कर्मचारी ही करेंगे

अमरावती/दि.29 – महावितरण की बिजली वितरण व्यवस्था में नादुरुस्त ट्रांसफॉर्मर बदलने, तकनीकी मरम्मत, बिजली बिल वसूली और बकायादारों के मीटर निकालने जैसे तकनीकी एवं जोखिमपूर्ण कार्य अब निजी व्यक्तियों अथवा अनधिकृत कर्मचारियों से कराना भारी पड़ेगा. ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले महावितरण कर्मचारियों के खिलाफ बर्खास्तगी या सेवा समाप्ति जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी. महावितरण ने इस संबंध में क्षेत्रीय अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं.
महावितरण के संचालन निदेशक धनंजय औंढेकर ने हाल ही में परिपत्र जारी कर क्षेत्रीय मुख्य अभियंताओं और अधीक्षक अभियंताओं को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में इस संबंध में नियमित रूप से जांच एवं पुष्टि करने के निर्देश दिए हैं.
* तकनीकी कर्मचारियों की है जिम्मेदारी
महावितरण की बिजली वितरण व्यवस्था का सुरक्षित संचालन, रखरखाव एवं मरम्मत तथा ग्राहकों की शिकायतों का तत्काल समाधान करना संबंधित अभियंताओं और तकनीकी कर्मचारियों का प्राथमिक दायित्व है. बिजली व्यवस्था में प्रत्यक्ष रूप से काम करने के लिए क्षेत्रीय कार्यालयों के अंतर्गत तारमार्ग संवर्ग में प्रधान तकनीशियन, वरिष्ठ तकनीशियन और तकनीशियनों की नियुक्ति की गई है. इन कर्मचारियों को खराब वितरण ट्रांसफॉर्मर बदलने, डीओ फ्यूज बदलने, बिजली लाइन में आई खराबी का पता लगाने, बिजली आपूर्ति संबंधी ग्राहक शिकायतों का समाधान करने, बिजली बिलों की वसूली तथा बकायादार ग्राहकों के मीटर निकालने जैसे कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
* निजी और अनधिकृत लोगों से काम कराने की शिकायतें
महावितरण के संज्ञान में ऐसे मामले आए हैं, जिनमें कुछ तारमार्ग कर्मचारी निर्धारित कार्य स्वयं करने के बजाय निजी व्यक्तियों अथवा अनधिकृत मनुष्यबल की मदद से करवा रहे हैं. इस संबंध में महावितरण मुख्यालय स्तर पर शिकायतें भी प्राप्त हुई हैं. महावितरण ने स्पष्ट किया है कि बिजली व्यवस्था में निजी या अनधिकृत व्यक्तियों से काम करवाना बेहद गंभीर मामला है. ऐसे व्यक्तियों के पास आवश्यक तकनीकी ज्ञान और विद्युत सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण नहीं होने के कारण विद्युत अथवा यांत्रिक दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है. इससे निजी व्यक्ति और महावितरण के कर्मचारी दोनों की जान को खतरा हो सकता है. साथ ही बिजली उपभोक्ताओं और महावितरण की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है.
* केवल अधिकृत व्यक्ति ही कर सकता है विद्युत कार्य
महावितरण के अनुसार ‘सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी रेग्युलेशन्स-2023’ के नियम 3 के तहत केवल अधिकृत व्यक्ति ही बिजली वितरण सेवा से संबंधित कार्य कर सकता है अथवा विद्युत लाइनों और उपकरणों पर काम करने के लिए पात्र होता है. इसलिए महावितरण द्वारा अधिकृत रूप से नामित नहीं किए गए अथवा अपात्र निजी व्यक्ति को बिजली व्यवस्था पर किसी भी प्रकार का काम करने की अनुमति देना या उससे काम करवाना अनधिकृत और नियमों के विरुद्ध है. महावितरण के सेवा नियमों के अनुसार भी इस प्रकार की हरकत को गंभीर कदाचार माना जाता है.





