नाबालिग युवती पर अत्याचार करने वाले आरोपी को 20 साल सश्रम कारावास
दत्तापुर थाना क्षेत्र की 6 वर्ष पूर्व की घटना

अमरावती/दि.30- परिचय का फायदा उठाकर 16 वर्षीय नाबालिग युवती के साथ लैंगिक अत्याचार करने वाले आरोपी को स्थानीय जिला न्यायाधीश (2) वाय. ए. गोस्वामी की अदालत ने दोषी करार देते हुए पोक्सो की धारा 4 के तहत 20 साल सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है. यह घटना दत्तापुर थाना क्षेत्र में वर्ष 2020 में घटित हुई थी. सजा सुनाये गये आरोपी का नाम सलमान खान सलीम खान (30) है.
जानकारी के मुताबिक पीडिता घटना के समय 16 वर्ष की थी. वह रेल्वे क्वॉटर में माता-पिता के साथ रहती थी. दो वर्ष पूर्व से पीडिता का आरोपी के साथ परिचय था. इस कारण वह एक-दूसरे के साथ मुलाकात भी करते थे और मोबाइल पर बातचीत भी करते थे. परिचय का फायदा उठाते हुए आरोपपी सलमान खान ने उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध स्थापित किये. 9 सितंबर 2020 को आरोपी सलमान ने पीडिता को उसके घर के पीछे बुलाया और वहां उस पर लैंगिक अत्याचार किया. दूसरे दिन 10 सितंबर को फिर से पीडिता ने आरोपी को बुलाया. फोन न उठाने पर उसके साथ मारपीट की. इस कारण पीडिता ने चिखना शुरु किया. उसकी आवाज सुनकर मां दौैडती हुई पहुंची. तब आरोपी वहां से भाग गया. उसी दिन रात 10 बजे आरोपी ने पीडिता के पिता से संपर्क कर गालीगलौज की और पुलिस में शिकायत दर्ज करने पर जान से मारने की धमकी दी. तब पीडिता के पिता अपनी बेटी केे साथ दत्तापुर थाना पहुंचे और शिकायत दर्ज की. पुलिस ने धारा 376 (2) (1), 376 (2) (एन), 323 और पोक्सो की धारा 4, 8, 12 व एट्रॉसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरु की. जांच पूरी होने पर 7 नवंबर को चार्जशीट न्यायालय मे ंदाखिल की गई. जिला न्यायालय (2) में चली सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष की तरफ से 8 गवाहों को परखा गया. न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए पोक्सो की धारा 4 के तहत 20 साल सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई. जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को एक माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. इसी तरह धारा 323 के तहत एक माह सजा और एक हजार रुपए जुर्माना अन्यथा एक माह अतिरिक्त कारावास भुुगतना होगा. दोनों सजा आरोपी को एक साथ भुगतनी होगी. इस प्रकरण में सरकारी पक्ष की तरफ से अतिरिक्त शासकीय अभियोक्ता एड. सुनील देशमुख ने काम संभाला. पैरवी अधिकारी के रुप में महिला सिपाही अधिकारी अर्चना डांगे और एएसआई विनोद कनोजिया ने सहयोग किया.





