राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज को ‘भारतरत्न’ देने की मांग
सांसद बलवंत वानखड़े व पूर्व मंत्री यशोमती ठाकूर को निवेदन

अमरावती /दि.2– जात-पात, धर्म और पंथ की सीमाओं से ऊपर उठकर मानवता तथा ‘सर्वधर्म समभाव’ का संदेश देने वाले राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारतरत्न’ मरणोपरांत प्रदान करने की मांग को लेकर आंदोलन जारी है. इसी क्रम में खासदार बळवंत वानखड़े तथा कांग्रेस की नेता एवं पूर्व मंत्री एडवोकेट यशोमती ठाकूर को निवेदन सौंपा गया. इस अवसर पर दोनों नेताओं ने राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज को ‘भारतरत्न’ दिलाने के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया. साथ ही लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के माध्यम से इस विषय को संसद में उठाने और सरकार के समक्ष रखने का भी आश्वासन दिया.
निवेदन में कहा गया कि राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज ने कभी किसी एक धर्म का समर्थन नहीं किया, बल्कि सभी धर्मों के सम्मान और मानवता को अपने विचारों के केंद्र में रखा. ‘हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, आपस में सब भाई-भाई’ का संदेश उन्होंने गांव-गांव तक पहुंचाया. ‘अल्लाह-ईश्वर एक ही है’ जैसे उनके विचारों में भी सर्वधर्म समभाव की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है. राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज ने अपने विचारों और कार्यों को केवल भारत तक सीमित नहीं रखा. वर्ष 1936 में जापान में आयोजित विश्व धर्म परिषद में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया तथा अपने आध्यात्मिक विचारों और संदेश के माध्यम से भारतीय संस्कृति की पहचान विश्व के सामने प्रस्तुत की, ऐसा उल्लेख निवेदन में किया गया.
निवेदन देने वाले शिष्टमंडल में कृती समिति के संयोजक तथा सामाजिक कार्यकर्ता मुकुंद पूनसे, रामकृष्ण हरी विश्वमानव मंदिर, दास टेकड़ी के अध्यक्ष ह.भ.प. बिलास महाराज साबळे, आजीवन प्रचारक एवं संगठक प्रल्हाद पारिसे गुरुजी, सामाजिक कार्यकर्ता जयकुमार बोके, सेवानिवृत्त अधीक्षक अभियंता रमेश ढवले, सेवानिवृत्त उपविभागीय अधिकारी विनोद शिरभाते, ग्रामगीताचार्य प्रा. नरेंद्र राऊत, भजनरत्न नितीन कुबडे, भजन प्रमुख पुरुषोत्तम खोडे, कृती समिति के सचिव तथा नगरसेवक अमर बानखडे, सुनील मोंढे, गुरुदेव सेवक अशोकराव माहोरे, अमोल बोके, खंजिरी वादक सतीश फाले, उद्धवराव पैठणकर, गुरुदेवभक्त राजेंद्र बीजागिरे, गुरुदेव प्रचारक नरेश भोयर, हार्मोनियम वादक संजय ठाकरे, विष्णू राठोड, विनोद मोंढे और संदीप थोटे सहित अनेक गुरुदेवभक्त उपस्थित थे.





