संतरा फसल बीमा राशि के लिए मोर्शी तहसील कार्यालय पहुंचे किसान
4 अक्टूबर तक मुआवजा जमा करने की मांग

अन्यथा 5 अक्टूबर से आमरण अनशन की चेतावनी
मोर्शी /दि.2- आंबिया बहार संतरा फसल बीमा वर्ष 2025-26 की लंबित नुकसानभरपाई तत्काल किसानों के खातों में जमा कराने की मांग को लेकर मोर्शी तहसील के संतरा उत्पादक किसान आक्रामक हो गए हैं. पात्र किसानों के खातों में 4 अक्टूबर तक बीमा नुकसानभरपाई जमा नहीं हुई तो 5 अक्टूबर से मोर्शी तहसील कार्यालय के सामने आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस के मोर्शी तहसील अध्यक्ष रुपेश वालके ने दी है. इस संबंध में उन्होंने तहसीलदार सागर ढवले तथा जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है.
मोर्शी तहसील सहित अमरावती जिले के हजारों संतरा उत्पादकों ने आंबिया बहार फसल का बीमा कराया है. प्राकृतिक आपदा और प्रतिकूल मौसम के कारण फसल को होने वाले नुकसान के समय आर्थिक सहारा मिले, इसी उद्देश्य से किसानों ने फसल बीमा कराया था. हालांकि बीमा अवधि समाप्त होने के बाद भी पात्र किसानों की नुकसानभरपाई का मामला लंबित रहने से किसानों में नाराजगी बढ़ रही है.
* पानी की कमी और बढ़ती लागत से किसान परेशान
इस वर्ष अनेक क्षेत्रों में लंबे समय तक बारिश का खंड, पानी की कमी और बढ़ती उत्पादन लागत के कारण संतरा उत्पादक किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा है. संतरे के बागों को बचाने के लिए पानी, खाद, कीटनाशक और मजदूरी पर किसानों को भारी खर्च करना पड़ रहा है. ऐसे में बीमा की हकदार राशि के लिए भी इंतजार करना पड़ रहा है. रुपेश वालके ने सवाल उठाया कि किसानों से बीमा प्रीमियम लेते समय किसी तरह की देरी नहीं होती, तो नुकसानभरपाई का भुगतान करने में इतनी देरी क्यों की जा रही है?
* हजारों किसानों को साथ लेकर आंदोलन की चेतावनी
वालके ने कहा कि यदि 4 अक्टूबर तक पात्र संतरा उत्पादक किसानों के खातों में बीमा नुकसानभरपाई जमा नहीं की गई, तो 5 अक्टूबर से मोर्शी तहसील कार्यालय के सामने आमरण अनशन शुरू किया जाएगा. इस आंदोलन में हजारों संतरा उत्पादक किसानों को शामिल करने की चेतावनी भी दी गई है. उन्होंने प्रशासन से अपील की कि किसानों को आंदोलन के लिए मजबूर करने की स्थिति पैदा न की जाए और 4 अक्टूबर से पहले ठोस कार्रवाई करते हुए पात्र किसानों के खातों में बीमा राशि जमा कराई जाए. संतरा उत्पादक किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, ऐसे में उनकी हक की नुकसानभरपाई लंबित नहीं रखी जानी चाहिए. बीमा कंपनी और प्रशासन को कागजी प्रक्रिया के नाम पर किसानों का इंतजार और लंबा नहीं करना चाहिए तथा पात्र किसानों को उनकी हक की राशि जल्द उपलब्ध कराई जानी चाहिए, यह मांग रुपेश वालके ने की है. अब 4 अक्टूबर तक प्रशासन इस मामले में क्या निर्णय लेता है, इस पर मोर्शी तहसील के संतरा उत्पादक किसानों की नजरें टिकी हुई हैं.





