न्यायिक कर्मचारियों की प्रस्तावित वेतन वृद्धि का लाभ देने की मांग
बहुजन हिताय सेवानिवृत्त न्यायालयीन कर्मचारी संगठना ने दी आंदोलन की चेतावनी

17 अक्टूबर को कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना
5 नवंबर से क्रमिक भूख हड़ताल
अमरावती/दि.5 – महाराष्ट्र राज्य के दुय्यम न्यायालयीन कर्मचारियों कोे हाईकोर्ट कर्मचारियों की तर्ज पर प्रस्तावित वेतन वृद्धि का लाभ देने की मांग को लेकर बहुजन हिताय सेवानिवृत्त न्यायालयीन कर्मचारी संगठना अमरावती जिला ने आंदोलन की चेतावनी दी है. संगठन का कहना है कि सेकेंडरी ज्यूडिशियल कर्मचारियों को प्रस्तावित वेतन वृद्धि देने का प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखा गया है, लेकिन इस पर निर्णय लेने में लगातार देरी हो रही है.
इस मांग को लेकर संगठन की ओर से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया है. ज्ञापन में सरकार से प्रस्तावित वेतन वृद्धि पर तत्काल निर्णय लेकर संबंधित न्यायिक कर्मचारियों को उसका लाभ देने की मांग की गई है.
* 17 अक्टूबर को कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना
संगठन ने चेतावनी दी है कि मांग पर तत्काल सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर 17 अक्टूबर को सुबह 11 बजे जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना आंदोलन किया जाएगा. इसके बाद भी सरकार की ओर से मांग पर निर्णय नहीं लिया गया तो 5 नवंबर से भोजन बहिष्कार और क्रमिक भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है. संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रस्तावित वेतन वृद्धि का लाभ संबंधित कर्मचारियों को मिलना चाहिए और सरकार को इस विषय में बिना विलंब निर्णय लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि लंबे समय से इस विषय में निर्णय की प्रतीक्षा की जा रही है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण संगठन को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है.
* ये पदाधिकारी रहे उपस्थित
जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते समय संगठन के अध्यक्ष रफीक उद्दीन, उपाध्यक्ष श्रीमती हेडाऊ, कार्यकारी अध्यक्ष रमेश कडू, महासचिव डी. आर. रंगारी, कार्यालय सचिव राजू वानखड़े, संयुक्त सचिव सुधीर पात्रिकर, विकास गिल्डा, आयोजक विलास मोघे, विलास लामसे, कोषाध्यक्ष दिलीप पेलागड़े, संयुक्त कोषाध्यक्ष विलास वाघ, वसंत भांदुरगे, सदस्य प्रकाश चौधरी, विजय पाटिल, अर्जुन वाघमारे, श्रीमती पाटिल, सतीश मगरदे, विशेष कानूनी सलाहकार अधिवक्ता सुरेश पडोले, संयुक्त कानूनी सलाहकार शेख साहेब, चीफ विलास पिंगले सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.





